कोटला की 14 पंचायतों में पानी का संकट

--Advertisement--

42 करोड़ की लागत से निर्मित बोह दरीणी पेयजल परियोजना आठ माह से ठप, बरसात में टूटीं पाइपों को नहीं जोड़ पाया महकमा

कोटला – स्वयम

विधानसभा क्षेत्र ज्वाली के अधीन कोटला बैल्ट की दो दर्जन पंचायतों में गर्मियों में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए पूर्व की भाजपा सरकार ने 42 करोड़ की लागत बौह दरिणी पेयजल परियोजना बनाकर लोगों के घरों तक पानी पहुंचाया लेकिन अब सत्तासीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इस पेयजल परियोजना के तहत बौह दरिणी से पानी लिफ्ट करके 16 किमी. लंबी पाइपलाइन बिछाकर कोटला में पहुंचाया गया था तथा लोगों को पेयजल सप्लाई के लिए इस परियोजना में 17 ओवरहैड टैंक भी निर्मित किए गए थे।

बरसात में भूस्खलन होने के कारण कुछ पाइपें टूट गईं, लेकिन इन पाइपों को जोडऩे की जहमत नहीं उठाई गई। करीब आठ माह से यह प्रोजेक्ट बंद पड़ा है तथा करोड़ों रुपए की लागत से बनी परियोजना का जनता को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

गर्मियों का सीजन शुरू होते ही कोटला क्षेत्र की पंचायत कोटला, भाली, त्रिलोकपुर, बेही पठियार, पद्दर, सियूणी, जांगल, कुठेहड़, आंबल, न्यांगल, सोलदा व अमनी सहित दो अन्य पंचायतों में पानी की किल्लत है तथा लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ेगा।

लोगों ने कहा कि भूस्खलन के कारण पाइपें टूट गई थीं, लेकिन मौजूदा सरकार इन पाइपों को जोडक़र इस प्रोजेक्ट को सुचारू नहीं कर रही है।

कोटला क्षेत्र की जनता का कहना है कि गर्मियों में हमें पानी की समस्या से निजात दिलाने के पूर्व की भाजपा सरकार ने बोह दरिणी पेयजल प्रोजेक्ट से पानी पहुंचाया था, लेकिन अब कांग्रेस सरकार इसकी तरफ ध्यान नहीं दे रही है। आठ माह से यह प्रोजेक्ट बंद है तथा पानी नहीं मिल रहा है।

जनता ने कहा कि कांग्रे सरकार ने अगर इस प्रोजेक्ट को जल्द दुरुस्त करवाकर पानी नहीं पहुंचाया गया, तो अधिशाषी अभियंता जवाली कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।

कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बोल

कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि इस परियोजना को जल्द ही शुरू करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो आज कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं, तो उन्होंने इसका कार्य पूरा क्यों नहीं करवाया था।

जल्द शुरू होगा काम

जलशक्ति विभाग ज्वाली के अधिशाषी अभियंता अजय शर्मा ने कहा कि बरसात में पाइपें टूट गई थीं तथा पानी को फिल्टर करने के लिए जल संशोधन संयंत्र का निर्माण होना है। जल्द ही कार्य शुरू होगा।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

लोक गायक इंद्रजीत की एक पहल ने बदला ट्रेंड, मोनाल की जगह कृत्रिम ‘कलगी’ बनी लोगों की पहली पसंद

हिमखबर डेस्क ‘हिमाचली टोपी’ जिसे पहाड़ी टोपी भी कहा जाता है,...

स्कूल के समीप रंगड़ों ने मां समेत दो बच्चों पर किया हमला, अस्पताल में भर्ती

हिमखबर डेस्क जनपद के जोगिंद्रनगर उपमंडल के द्राहल क्षेत्र में...