
बीएड बेरोजगार यूनियन ने प्रदेश सरकार से की मांग.
व्यूरो रिपोर्ट
प्रदेश बीएड बेरोजगार यूनियन की ऑनलाइन मीटिंग राजेश गौतम की अध्यक्षता में की गई। इस दौरान मुख्य मुद्दा आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग के लिए दिए जाने वाले दस प्रतिशत आरक्षण पर चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में भी पूर्ववत आरक्षण सामान्य वर्ग के बीपीएल परिवारों के लिए सात प्रतिशत दिया जाता था। बाद में इस बीपीएल के सात प्रतिशत आरक्षण को दस प्रतिशत ईडब्ल्यूएस में मर्ज कर दिया गया।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि ईडब्ल्यूएस का जाली प्रमाण पत्र कोई न बनवा पाए चाहे तो उसका बनवाते समय पैन कार्ड भी अटैच कर लेना चाहिए।
उन्होंने निवेदन किया है कि ईडब्ल्यूएस के लिए चार लाख आय सीमा अत्यधिक है या कम से कम एक लाख तक की जाए, ताकि पात्र व्यक्तियों को इसका लाभ मिले।
उन्होंने कहा कि 33000 प्रति महीना आय वाला परिवार आर्थिक आधार पर कमजोर कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि जो गलत प्रमाण पत्र देकर नौकरी पाने में सफल हो गए हैं। वे नौकरी से तुरंत बर्खास्त किए जाने चाहिए तथा रिकवरी भी होनी चाहिए।
