
चम्बा – भूषण गुरुंग
जनजातीय क्षेत्र पांगी के सुराल में खोले गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को बंद करने पर ग्रामीण उस वक्त सरकार को कोसते दिखे, जब बीमार बुजुर्ग महिला को 121.92 सेंटीमीटर (चार फीट) बर्फ के बीच पीठ पर उठाकर पैदल अस्पताल ले जाने के लिए सड़क तक पहुंचाना पड़ा।
ग्रामीण यह कहते भी दिखे कि हमारे चुने हुए नुमाइंदे बी सिर्फ अपनी सुविधाएं ही देखते हैं, आम लोगों की परेशानियां उन्हें दिखाई नहीं देती हैं।
जानकारी के अनुसार सुराल पंचायत की 72 वर्षीय हिलो देवी अचानक बीमार हो गई। सुबह ग्रामीणों और परिजनों ने पीठ पर उठाकर सुराल से चार फीट बर्फ में पैदल चलकर 14 किलोमीटर दूर धरवास पहुंचाया। जहां से निजी गाड़ी से बुजुर्ग महिला को किलाड़ मुख्यालय पहुंचाया गया है। सुराल से मुख्यालय किलाड़ 29 किलोमीटर स्थित है।
बता दें कि बर्फबारी के बाद पांगी घाटी के ज्यादातर सड़कें अभी तक बंद पड़ी हुई हैं। रविवार को महिला बीमार हुई तो उसे समय पर उपचार दिलाने के लिए ग्रामीणों ने एकजुट होकर बारी-बारी पीठ पर उठाकर धरवास पहुंचाया।
जहां से उसे किलाड़ पहुंचाया गया। जहां पर डाक्टरों ने हालात को देखते हुए बुजुर्ग महिला का दाखिल कर लिया है और उसका उपचार जारी है।
उधर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बंद होने के बाद अब परिजनों और ग्रामीणों ने नाराजगी भी देखने को मिली।
वहीं, ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि घाटी की सड़कों को जल्द बहाल किया जाए, ताकि ऐसी आपात स्थिति में मरीज को समय पर उपचार दिलाया जा सके।
सहायक अभियंता के बोल
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मान सिंह ने कहा कि सुराल मार्ग को बहाल करने के लिए विभागीय मशीनरी तैनात कर दी गई है।
