
धवाला और भाजयुमो सचिव के बीच बहस का वीडियाे वायरल।
देहरा – शिव गुलेरिया
देहरा में आयोजित भाजपा के संगठनात्मक जिला देहरा की बैठक में जमकर हंगामा हो गया। बैठक में देहरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित भाजयुमो के प्रदेश सचिव नितिन ठाकुर और पूर्व मंत्री व देहरा से भाजपा प्रत्याशी रहे रमेश धवाला के बीच बहसबाजी हो गई। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया।
मंगलवार को भाजपा संगठनात्मक जिला देहरा की बैठक देहरा में आयोजित की गई थी जिसमें देहरा, ज्वालामुखी, प्रागपुर विधानसभा क्षेत्रों के पदाधिकारी मौजूद थे।
देहरा से प्रत्याशी रहे रमेश धवाला और ज्वालामुखी से प्रत्याशी रहे रविंद्र रवि भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी बीच भाजयुमो के प्रदेश सचिव नितिन ठाकुर भी बैठक में आ पहुंचे।
आरोप साबित करने पर मचा हंगामा
नितिन के बैठक में पहुंचने पर कुछ कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि नितिन ने विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम किया है। उन्हें निष्कासित करने की मांग पर फैसला भी विचाराधीन है, ऐसे में वह बैठक में नहीं आ सकते।
इस पर नितिन ठाकुर ने आरोप साबित करने को कहा, जिसके बाद हंगामा मच गया। बताया जा रहा है कि इसी बीच रमेश धवाला और कुछ कार्यकर्ता बाहर आ गए। इसके बाद धवाला और नितिन में बहस हो गई। इस दौरान नितिन ने धवाला को कहा कि वह पार्टी के मूल कार्यकर्ता नहीं हैं।
उन्होंने भी पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीतने के बाद पार्टी में शामिल हुए। इस पर धवाला के साथ खड़े कुछ कार्यकर्ताओं और नितिन के बीच जमकर बहस हो गई। नितिन के जाने के बाद दोबारा बैठक शुरू हुई।
कुछ कार्यकर्ताओं ने बदतमीजी कर बैठक से निकाला : नितिन
दूसरी ओर नितिन का कहना है वह भाजयुमो के प्रदेश पदाधिकारी हैं। वह बैठक में हिस्सा ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं दी गई थी। वह भी गलत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें अलग थलग करना चाहते हैं। इसलिए उनके बैठक में हिस्सा लेने पर वर विवाद खड़ा करने की कोशिश करते रहते हैं। कुछ कार्यकर्ताओं ने बदतमीजी कर उन्हें बैठक से निकाला है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए हाईकमान को लिखा : संजीव शर्मा
जिला अध्यक्ष संजीव शर्मा का कहना है कि नितिन ठाकुर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए हाईकमान को लिखा गया है, क्योंकि विस चुनाव में उन्हें शिकायत मिली थी कि उन्होंने पार्टी के खिलाफ काम किया है।
यह मामला प्रदेश नेतृत्व के पास विचाराधीन है। नितिन को विनम्रता पूर्वक बाहर जाने को कहा था। किसी ने उनके साथ बदतमीजी नहीं की।
हंगामे का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल
बैठक के बाद हुए हंगामे का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें नितिन धवाला पर पार्टी का मूल कार्यकर्ता न होने का आरोप लगाते दिख रहे हें। उनका कहना है कि धवाला ने 1998 में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
चुनाव जीतने के बाद वह पार्टी से जुड़े। ऐसे में वह खुद को कैसे सच्चा कार्यकर्ता बता सकते हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि धवाला अपने परिवार को सेटल करने के चक्कर में उन जैसे कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
