
डोल भटहेड़ – अमित शर्मा
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने प्रेस वार्ता में कहा कि गरीब परिवारों के बेरोजगार युवाओं को जो अपनी शारीरिक क्षमता के दम पर फौज में स्थाई रूप से भर्ती होते थे। उन्हें बाद में शारीरिक क्षमता एवं लिखित परीक्षा के आधार पर भर्ती किया जाने लगा है।
लेकिन इस योजना को भी सोची समझी रणनीति से बदलने के लिए पहले तो करोना की आड़ में दो साल तक आर्मी भर्ती को बंद रखा गया। यहां तक कि जो युवा आर्मी भर्ती की समस्त औपचारिकताएं पूरी कर चुके थे उन्हें भी अयोग्य करार देते हुए नई अग्नि वीर भर्ती योजना लागू करके उस भर्ती में शामिल होने की सलाह दी गई।
जिससे भर्ती हुए युवाओं में भारी रोष देखने को मिला था। अब सरकार द्वारा अग्नि वीर भर्ती योजना में एक और बदलाव करते हुए पहले ओनलाइन आवेदन रुपए 250/ करने उपरांत लिखित परीक्षा और बाद में शारीरिक क्षमता एवं मैडिकल टेस्ट का प्रावधान किया है।
जिसमें केवल चालीस हजार पदों की भर्ती केलिए देश के लाखों बेरोजगार युवा मजबूरी में लिखित परीक्षा केलिए आवेदन करेंगे और इससे सरकारी खजाने में मोटी रकम जमा होगी। जोकि सरकार द्वारा एक सोची समझी रणनीति के आधार पर गरीब परिवारों के बेरोजगार युवाओं की जेब पर डाका डाला गया है।
अतः सरकार से मांग की जाती है कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी की आड़ में इस तरह से प्रताड़ित ना किया जाए और आर्मी में इस अल्प अवधि भर्ती को पूर्व की भांति निःशुल्क करवाने की व्यवस्था को बरकरार रखा जाए।
