
ज्वाली – अनिल छांगु
जिला गेहूं पीला रतुआ रोग सर्वेक्षण कमेटी ने गुरुवार को ज्वाली व नगरोटा सूरियां क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान ज्वाली व नगरोटा सूरियां क्षेत्र में उगाई गई गेहूं की फसल में पीला रतुआ रोग के आंशिक लक्षण पाए गए।
उक्त शुरुआती आंशिक लक्षण गांव पपाहण में पाए गए। इस दौरान जिला गेहूं पीला रतुआ रोग सर्वेक्षण कमेटी द्वारा ज्वाली व नगरोटा सूरियां क्षेत्र के गूगलाडा, चबुआ़, फारियाँ, संमकेहड़, भगलाहड़, करड़ियाल, ढन्न, मतलाहड़ व पपाहण गावों में उगाई गई गेहूं का निरिक्षण किया।
ऐसे में पपाहन गांव में उगाई गई गेहूं की फसल में बीमारी के शुरुआती आंशिक लक्षण पाए गए । टीम ने किसानों को बीमारी के प्रति सचेत किया। तथा सलाह दी कि बीमारी के लक्षण दिखते ही प्रोपिकाज़ोल दवाई का 1 मिली लीटर प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें।
कृषि उपनिदेशक काँगड़ा डॉ राहुल कटोच ने कहा की किसान अपने खेतों का लगातार निरीक्षण करके बीमारी के लक्षण पाए जाने पर दवाई का समय पर छिड़काव करें ।
उन्होंने कहा कि सभी कृषि अधिकारयों को इस सम्बन्ध में निर्देश जारी किये गए हैं कि वो खेतो में जाकर पीला रतुआ का निरीक्षण करें व किसान भाइयों का उचित मार्गदर्शन करें।
ये रहे उपस्थित
इस मौके पर राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला हिमाचल प्रदेश के प्रभारी डॉक्टर गौरव सूद ,कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर से वैज्ञानिक डॉक्टर विजय राणा,फतेहपुर ब्लॉक से विषयवाद विशेषज्ञ डॉ वीरेंदर चौधरी, डॉ सुनीता वालिया व डॉ विशाखा पॉल मौजूद रहे ।
