मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की परीक्षा करवाना प्रबंधन के लिए बना चुनौती

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विशेष स्वास्थ्य सचिव ने चार विशेषज्ञों की बतौर परीक्षक लगाई थी चंबा में डयूटी, विशेेषज्ञों ने चंबा अस्पताल में सेवाएं देने से किया इनकार, अभी तक नहीं दी ज्वाइनिंग, प्रशिक्षुओं की परीक्षा करवाने के लिए विभागाध्यक्ष अपने स्तर पर ढूंढ रहे हैं परीक्षक।

चम्बा – भूषण गुरुंग

पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की वार्षिक परीक्षा करवाना प्रबंधन के मुश्किल हो गया है। क्योंकि परीक्षा करवाने के लिए उन्हें परीक्षक नहीं मिल रहे हैं।

विशेष स्वास्थ्य सचिव ने टांडा, आईजीएमसी और मंडी मेडिकल कॉलेज से जिन विशेषज्ञों के चंबा मेडिकल कॉलेज में परीक्षा करवाने के लिए बतौर परीक्षक अस्कायी ऑर्डर किए थे। उन विशेषज्ञों ने चंबा में अपनी ज्वाइनिंग देने से इनकार कर दिया है।

हालांकि उन्होंने प्रशिक्षुओं की परीक्षा पूर्ण करवाने तक ही यहां अपनी सेवाएं देनी थी, लेकिन उन्होंने सरकार के आदेशों को दरकिनार करते हुए चंबा में अभी तक ज्वाइनिंग नहीं दी है। सरकार चार विशेषज्ञों के 13 जनवरी को चंबा के लिए ऑर्डर निकाले थे।

इन विशेषज्ञों को हर हाल में 16 जनवरी तक चंबा मेडिकल कॉलेज में अपनी ज्वाइनिंग देनी थी, जब तक एमबीबीएस प्रशिक्षुुओं की परीक्षा पूर्ण नहीं हो जाती। तब तक उन्हें यहीं अपनी सेवाएं देनी थी, लेकिन जनवरी महीना खत्म हो चुका और अभी तक इन विशेषज्ञों ने चंबा में ज्वाइनिंग करना मुनासिब नहीं समझा है।

इसके चलते प्रबंधन के लिए प्रशिक्षुओं की वार्षिक परीक्षा का शेड्यूल तय करना मुश्किल हो गया है। विभागाध्यक्ष अपने स्तर पर परीक्षा के लिए दूसरे मेडिकल कॉलेजों में परीक्षक ढूंढ रहे हैं। उनके रहने से लेकर आने-जाने की व्यवस्था करने में लगे हैं, ताकि मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षुओं की परीक्षा आसानी से करवाई जा सके।

हैरानी इस बात की है कि सरकार अपने आदेशों की विशेषज्ञों से पालना करवाने में असमर्थ हो रही है। यही कारण है कि चंबा मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ सेवाएं देने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।

डॉ. पंकज गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज चंबा के बोल 

सरकार ने परीक्षक के रूप में जिन विशेषज्ञों के ऑर्डर निकाले थे, उनमें से किसी ने भी चंबा में ज्वाइन नहीं किया है। इसे लेकर सरकार को अवगत करवा दिया गया है। परीक्षा करवाने को लेकर प्रबंधन हर संभव प्रयास कर रहा है।
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