
हिम खबर – डेस्क
हालात मत पूछिए, बदलते रहते हैं। समय मत पूछिए, गुजरता रहता है।
मोहब्बत मत कीजिए, होती रहती है। दिल्लगी मत कीजिए, दिलदार औरो से भी दिल लगाते रहते हैं।
परिस्थिति मत देखिए, स्थिति बदलती रहती है। हमसफर जल्दी मत बनाइए, हमराही बदलते रहते हैं।
मौलिकता प्रमाण पत्र
मेरे द्वारा भेजी रचना मौलिक तथा स्वयं रचित जो कहीं से भी कॉपी पेस्ट नहीं है।
राजीव डोगरा (भाषा अध्यापक) राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गाहलिया
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