
शिमला, 16 दिसंबर – नितिश पठानियां
खुफिया जानकारी लीक मामले में एनआईए जांच की जद में आए आईपीएस अरविंद दिग्विजय नेगी की सेवा को हिमाचल सरकार ने बहाल कर दिया है। एनआईए से गिरफ्तारी के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
मुख्य सचिव आरडी धीमान की ओर से वीरवार देर शाम उन्हें बहाल करने के आदेश जारी हुए हैं। उन्हें राज्य पुलिस मुख्यालय में ज्वाइनिंग देने के निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि नेगी साल 2017 में हिमाचल प्रदेश के पहले ऐसे पुलिस अफसर बने, जिन्हें नामी एजेंसी में सराहनीय कार्य के लिए प्रेसिडेंट पुलिस मेडल मिला था। उन्होंने जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों की टेरर फंडिंग से जुड़े कई मामलों का भंडाफोड़ किया था।
दिग्विजय नेगी ने कश्मीर में पत्थरबाजों पर नकेल कसने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह साल 1998 में हिमाचल प्रदेश में डीएसपी के पद पर नियुक्त हुए थे।
उन्होंने शिमला में डीएसपी ट्रैफिक के तौर पर भी सेवाएं दी हैं। शिमला में ही तैनाती के दौरान अरविंद दिग्विजय नेगी ने इशिता तेजाब कांड को भी सुलझाया था।
