
धर्मशाला, 16 दिसम्बर – राजीव जस्वाल
पूर्व उद्योग मंत्री व जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि एसीसी व अंबुजा कंपनी प्रबंधन ने बरमाणा, दाडलाघाट और गग्गल स्थित फैक्ट्री को अचानक अनिश्चित काल के लिए बंद करने का निर्णय लिया है।
विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस सीमेंट के दामों को लेकर जगह-जगह शोर मचाती रही, लेकिन अब तो उनके सत्ता में आते ही प्रदेश के अंदर दो सीमेंट प्लांट ही बंद हो गए।
वहीं जनता ने कांग्रेस को यह सोच कर चुना था कि कांग्रेस सरकार 1 साल में 1 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा पूरा करेगी, लेकिन 10 दिनों के अंदर ही हजारों लोगों का रोजगार छिन गया है। बावजूद इसके सरकार इस पर खामोश है।
उन्होंने सरकार को इसके लिए पूर्णतया जिम्मेदार बताते हुए कहा कि सरकार जनता को यह स्पष्ट बताए कि प्रदेश के अंदर इस तरह के हालात क्यों बने हैं।
प्रदेश के अंदर किस तरीके से सीमेंट के कारखाने चल सकते हैं, इसके लिए सरकार के पास क्या प्लान है। अभी तक के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ, जब प्रबंधन ने इस तरह के कदम उठाए हों या इस तरीके से उन्होंने कारखाने बंद होने का तर्क दिया हो।
नई सरकार बनने के बाद पहली बार सीमेंट के प्लांट पर ताले लटक जाने की घटना पहली बार घटित हुई है। विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस सीमेंट के दामों को लेकर हो हल्ला करती थी, लेकिन पहले तो सरकार बनते ही सीमेंट के दामों में 5 प्रति बैग का इजाफा हुआ। अब सीमेंट के दो प्लांट बंद हो गए हैं जिसके लिए सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती।
पूर्व उद्योग मंत्री ने सरकार को आगाह किया है कि सरकार शीघ्र इस मामले का समाधान निकाले ताकि इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े।
