
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल के नए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सोमवार को बड़े फैसले ले सकते हैं। रविवार को शपथ ग्रहण के बाद अवकाश होने के कारण अफसरों के साथ सामूहिक मीटिंग नहीं हो पाई है। अब यह सारा काम सोमवार को होगा।
सचिवालय में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों के कार्यालय तैयार हैं और दोनों के पहुंचने का इंतजार है। क्योंकि अभी पूरी कैबिनेट का गठन नहीं हुआ है, इसलिए इन दोनों को ही सारा राजकाज देखना है। यह भी सोमवार को पता लगेगा कि पोर्टफोलियो भी आपस में बांटे जाते हैं या नहीं?
कैबिनेट के गठन में अभी एक हफ्ते तक का समय और लग सकता है। इसलिए बड़े फैसले इन दोनों को ही लेने होंगे। सोमवार को नए मुख्यमंत्री राज्य सरकार के शीर्ष अफसरशाही के साथ चर्चा कर सकते हैं, हालांकि अभी सामूहिक बैठक बुलाने के लिए नोटिस जारी नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री कार्यालय समेत जरूरी कार्यालयों में नियुक्तियों को लेकर भी सोमवार को ही फैसला होगा। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पूर्व सरकार के दौरान सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को दिए गए सेवाविस्तार यानी एंप्लॉयमेंट को रद्द कर सकते हैं।
इसके साथ ही यह फैसला भी हो सकता है कि पूर्व सरकार के छह महीने के फैसलों को फिलहाल होल्ड किया जाए, ताकि इनकी समीक्षा की जा सके। यह ऐलान इससे पहले चुनाव पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहते हुए मुकेश अग्निहोत्री कर चुके हैं। फिजूलखर्ची रोकने को लेकर भी सुखविंदर सुक्खू कोई कदम उठा सकते हैं। हालांकि ओल्ड पेंशन स्कीम जैसे बड़े मामलों को पूरी कैबिनेट के गठन के बाद ही लिया जाएगा।
पांच साल में पूरी करेंगे दस गारंटियां
सीएम सुखविंदर सुक्खू ने कहा था कि उनकी सरकार को मैंडेट पांच साल के लिए मिला है और इन 5 साल में ही 10 गारंटियों को पूरा करने को लेकर फैसले होंगे। उन्होंने दोहराया कि यह आम जनता या आम आदमी की सरकार है और हम सत्ता के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था बदलने के लिए आए हैं। इसलिए जो भी अड़चन आए, व्यवस्था को बदला जाएगा।
सुक्खू की सरकार में अकाउंटेबिलिटी एंड ट्रांसपेरेंसी एक्ट लाकर एक तरफ विधायकों के लिए हर साल अपनी इनकम डिक्लेयर करने और इसमें हुई वृद्धि का सोर्स बताने की व्यवस्था की जाएगी। वही अफसरों की जो जिम्मेदारी है, उस पर उनकी जवाबदेही तय होगी।
