
धर्मशाला – राजीव जस्वाल
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए नई पंचायतों का गठन किया गया है। लेकिन इन्हें अभी तक अपने भवन नसीब नहीं हो पाए हैं। ऐसे हालात में विकास कार्य कैसे होंगे, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
जिला कांगड़ा में 81 पंचायतों का 15 विकास खंडों के तहत गठन किया गया है। हैरानी की बात यह है कि पंचायत बाघनी को अस्तित्व में आए हुए सात साल बीत चुके हैं पर अभी तक अपना भवन मयस्सर नहीं हो पाया है।
हालांकि जनप्रतिनिधि कई बार आवाज बुलंद करते रहे लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। धर्मशाला ब्लाक के तहत तीन पंचायतें शिल्ला-भुटेहड़, अंदराड़ और रसेहड़ बनाई हैं लेकिन यहां भी सुविधाएं नहीं हैं।
बताया जा रहा है कि 81 पंचायतों में से 44 को भवन निर्माण के लिए पहली किस्त जारी कर दी गई है। साथ ही 10 ऐसी पंचायतें हैं, जिनके पास पुराने भवन हैं। 22 पंचायतों में अभी तक भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने का कार्य किया जा रहा है।
तीन ऐसी पंचायतें हैं, जिनके पास भवन निर्माण के लिए भी भूमि नहीं है। ऐसे में इन पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने पंचायत के लोगों से भूमि दान कराने का आग्रह किया है।
जिला पंचायत अधिकारी विजय बरागटा ने बताया कि नई पंचायतों में जल्द भवन निर्माण हो, इसके लिए विभाग प्रयासरत है। आधे से ज्यादा पंचायतों को पहली किस्त जारी करवा दी है और शेष में औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
वहीं, धर्मशाला ब्लाक प्रधान एवं उपप्रधान संगठन के अध्यक्ष सुरेश धीमान का कहना है कि नई पंचायतों को भवन मिलें, इसके लिए संगठन के माध्यम से आवाज बुलंद की जाती रही है।
बाघनी पंचायत आज भी निगम के दायरे में आई सिद्धबाड़ी पंचायत के भवन में चल रही है। इस दिशा में विभाग जल्द से जल्द कदम उठाए।
