
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोमवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में पांचवीं बार कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया।
इस कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू वाह मंत्रिमंडल के सदस्यों द्वारा बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है। सबसे बड़ा फैसला इस कैबिनेट बैठक में शराब की बोतल पर ₹2 सेस लगाने को लेकर लिया गया है ।
आपको बता दें कि यह सेस कोविड-19 का पहला था जिसे अब बंद कर दिया गया था। सरकार के इस फैसले से प्रदेश सरकार को प्रति वर्ष 10 करोड़ के राजस्व में वृद्धि होगी ।
कैबिनेट में वर्ष 2023-24 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। नई आबकारी नीति के तहत खुदरा आबकारी दुकानों की नीलामी-सह-निविदा को स्वीकृति प्रदान की गई जिसका उद्देश्य सरकारी राजस्व में पर्याप्त वृद्धि, शराब के मूल्य में कमी तथा पड़ोसी राज्यों से इसकी तस्करी पर अंकुश लगाना है।
शराब के ठेकों पर 5 लीटर क्षमता की केग बीयर बेची जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा और वे बीयर की एक वई वैरायटी का भी आनंद ले पाएंगे।
बागबानों को लाभाविन्त करने के लिए फलों के सम्मिश्रण से शराब की भी एक नई वैरायटी शुरू करने का फैसला लिया गया। ।पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एल-3 एल-4 एल-5 लाइसेंस धारक होटल मालिकों को मिनी बार चलाने की अनुमति दी जाएगी।
बैठक में राज्य में एक प्रभावी ऑनलाइन एंड-टू-एंड आबकारी प्रशासन प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया गया। जिसमें वास्तविक समय में निगरानी के लिए मॉड्यूल के अलावा शराब की बोतलों के ट्रैक एवं ट्रेस की सुविधा शामिल होगी।
इस नीति को सरकार, उपभोक्ता, खुदरा विक्रेता, थोक व्यापारी, बॉटलिंग प्लांट, डिस्टिलरी, होटल तथा बार इत्यादि सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
विभाग द्वारा सभी वर्गों से चर्चा एवं सुझाव के उपरान्त यह निर्णय लिए गए हैं। मंत्रिमंडल ने आगामी विधानसभा सत्र में हिमाचल प्रदेश वाटर सेस ऑन हाईड्रोपावर जनरेशन विधेयक, 2023 लाने और 10 मार्च, 2023 से हिमाचल प्रदेश वाटर सेस ऑन हाईड्रोपावर जनरेशन अध्यादेश, 2023 लागू करने का भी निर्णय लिया।
