हर तरफ तबाही का मंजर, रोज सैकड़ों मौतें, आखिर क्यों कोरोना के मामले छिपा रहा चीन?

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व्यूरो रिपोर्ट

चीन में कोरोना ने कहर बरपा दिया है। आए दिन सैकड़ों मौतें, श्माशन में जगह नहीं और दवाओं की भारी कमी। इस वक्त दुनिया की नजर चीन पर है। लगातार खराब होते हालात पर अब चीन क्यों नहीं कोरोना के मामलों के आंकड़े सार्वजनिक नहीं करना चाहता, इस पर सवाल उठने लगे हैं।

बता दें कि चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने घोषणा की है कि वह अब देश में कोरोना की स्थिति पर दैनिक रिपोर्ट जारी नहीं करेगा। आयोग ने एक बयान में कहा कि आज से महामारी की स्थिति पर दैनिक जानकारी प्रकाशित नहीं की जाएगी। आयोग ने कहा कि आयोग ने कहा कि यह कार्य उसके रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) द्वारा किया जाएगा।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने शुक्रवार को कहा कि देश में कोविड-19 की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर स्थिति नियंत्रण में है। बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस ने चीन में कोविड -19 के गंभीर मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की और बीजिंग से जोखिम वाले समूहों के टीकाकरण पर अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

श्री घेब्रेयसस ने कहा कि स्थिति का व्यापक जोखिम मूल्यांकन करने के लिए, डब्ल्यूएचओ को बीमारी की गंभीरता और चीन में कई अस्पतालों में भर्ती होने के बारे में अधिक विस्तृत जानकारी की आवश्यकता है। चीन में नवंबर को स्थानीय कोरोना मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई।

महामारी विज्ञान की स्थिति बिगडऩे के कारण,अधिकारियों ने कुछ क्षेत्रों में आंशिक रूप से लॉकडाउन लागू किया, साथ ही उनके निवासियों को दैनिक आधार पर पीसीआर जांच कराने को मजबूर किया।

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