सीटी स्कैन को महंगे खर्च करने को मजबूर मरीज

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पं जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज में मशीन स्थापित होने के बाद भी नहीं मिल रही सुविधा, लोगों ने प्रशासन पर उठाए सवाल

चम्बा- भूषण गुरुंग

पं जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज में करोड़ों रुपए की लागत से सिटी स्कैन मशीन स्थापित होने के बाद भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सकीय व टैक्नीशियन स्टाफ न होने से सिटी स्कैन मशीन का संचालन आरंभ न होने से मरीजों को अभी भी मंहगे खर्च पर निजी क्लीनिकों का रूख करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को घर- द्वार के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की सरकारी कवायद पर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

पिछले दिनों पं जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज में सिटी स्कैन मशीन का मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला से वर्चुअल माध्यम से लोकापर्ण किया था। इसके बाद सदर विधायक ने सिटी स्कैन मशीन सुविधा को जिला की गरीब जनता के लिए बड़ी राहत बताया था। मगर सिटी स्कैन मशीन संचालन के लिए स्टाफ की नियुक्ति न होने से यह सफेद हाथी ही साबित हुई है। स्टाफ की कमी के चलते सिटी स्कैन मशीन का बेहतर तरीके से संचालन आरंभ नहीं हो पाया है।

मेडिकल कालेज उपचार करवाने पहुंचे मरीजों ने बताया कि चिकित्सीय परामर्श के बाद वे जब सिटी स्कैन करवाने पहुंचे थे तो बताया गया कि स्टाफ की कमी के चलते अभी तक यह सुविधा आरंभ नहीं हो पाई है। उन्होंने बिना स्टाफ के करोड़ों रूपए की सिटी स्कैन मशीन स्थापित करने की सरकारी कवायद पर सवाल उठाया है।

उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज में सरकार ने एनएचपीसी के सहयोग से करीब बीस करोड की लागत से सिटी स्कैन व एमआरआई मशीन स्थापित की है। इसमें सिटी स्कैन मशीन का लोकापर्ण करने के बाद भी मरीज अभी तक निजी क्लीनिकों का रूख करने को मजबूर हैं। ऐसे में मरीजों को मेडिकल कालेज में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के सरकारी दावों की पोल खुलकर रह गई है।

मेडिकल कालेज के चिकित्सा अधीक्षक के बोल 

उधर, मेडिकल कालेज के चिकित्सा अधीक्षक डा. हर्ष महाजन ने बताया कि सिटी स्कैन मशीन के संचालन हेतु सरकार के साथ स्टाफ की नियुक्ति हेतु पत्राचार जारी है। उन्होंने बताया कि स्टाफ की नियुक्ति के साथ ही मरीजों को मेडिकल कालेज में सिटी स्कैन टेस्ट की सुविधा मिलना आरंभ हो जाएगी।

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