लोकनृत्य हमारी संस्कृति के परिचायक- डॉ. हरीश गज्जू

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धर्मशाला, राजीव जस्वाल24 फरवरी-

भाषा-संस्कृति विभाग, कांगड़ा द्वारा स्वर्णिम हिमाचल जिला स्तरीय लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन आज राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के अन्तरंग सभागार में किया गया जिसमें मुख्यातिथि उपमण्डलाधिकारी (नागरिक) हरीश गज्जू ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया । प्रतियोगिता में जिला कांगडा के विभिन्न क्षेत्रों के सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया और अपनी प्रस्तुतियां प्रस्तुत की।

मुख्यातिथि ने अपने सम्बोधन में कहा कि लोकनृत्य हमारी संस्कृति के परिचायक है और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए यह जरूरी है कि हम लोकनृत्यों से अपनी युवा पीढ़ी को अवगत करवाएं तभी हमारी समृद्ध परम्परा व संस्कृति आगे बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि विभाग ऐसे आयोजन हर वर्ष व हर क्षेत्र में आयेजित करवाता रहे।इस कार्यक्रम में ज़िला लोक सम्पर्क अधिकारी विनय शर्मा विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

भाषा अधिकारी कांगड़ा ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त दल को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा । इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित निर्णायक मंडल, कलाकारों तथा गणमान्यों का आभार व्यक्त किया।

प्रतियोगिता में सरस्वती स्वर संगम धर्मशाला ने प्रथम व कांगड़ा लोक कला मंच धर्मशाला ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा तृतीय स्थान पर धौलाधार सांस्कृतिक दल बड़ोल व स्वर सागर म्यूजिकल अकादमी गगल रहे ।
इस अवसर पर डॉ. गौतम व्यथित शर्मा, रेखा शर्मा प्रवक्ता संगीत व सतीश ठाकुर प्रवक्ता संगीत ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

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