रेहड़ी-फड़ी वालों के नियमों में बदलाव; हर तीन साल में नवीनीकरण, फीस तय

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हिमखबर डेस्क

राज्य सरकार ने रेहड़ी-फड़ी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी की है। शहरी विकास विभाग की ओर से 13 मार्च 2026 को जारी इस अधिसूचना के तहत हिमाचल प्रदेश स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं सड़क विक्रय विनियमन) संशोधन योजना, 2026 लागू कर दी गई है।

वेंडर्स के सर्वे, लाइसेंस, फीस और निगरानी से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए हैं। संशोधित प्रावधानों के अनुसार अब स्ट्रीट वेंडर्स का सर्वे और वेंडिंग प्रमाण पत्र का नवीनीकरण पांच वर्ष के बजाय तीन वर्ष में किया जाएगा। प्रमाण पत्र का नवीनीकरण सरल प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित शुल्क जमा कर किया जा सकेगा। नई व्यवस्था में वेंडिंग प्रमाण पत्र जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।

इसके साथ ही मोबाइल वेंडर्स को अपना पैन कार्ड विवरण शहरी निकायों में जमा कराना होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वेंडिंग प्रमाण पत्र जारी करते समय स्थायी हिमाचली निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी, बशर्ते वे निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हों। अधिसूचना में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त प्रावधान भी जोड़े गए हैं।

यदि कोई वेंडर खाद्य सामग्री में थूक या मूत्र मिलाते हुए पाया जाता है, तो उसका वेंडिंग प्रमाण पत्र तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वेंडिंग जोन और स्थानों को नंबर देकर चिह्नित किया जाएगा, ताकि उनकी पहचान और प्रबंधन आसान हो सके। साथ ही पैदल मार्ग, रेन शेल्टर, चौराहों और विरासत भवनों के पांच मीटर दायरे में वेंडिंग जोन घोषित नहीं किए जाएंगे।

सरकार ने वेंडिंग फीस को भी स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है। स्टेशनरी वेंडर्स के लिए नगर पंचायत में 1,000 रुपये, नगर परिषद में 1,500 रुपये और नगर निगम में 2,000 रुपये प्रति माह शुल्क तय किया गया है। वहीं मोबाइल वेंडर्स के लिए यह शुल्क क्रमशः 600, 800 और 1200 रुपये प्रति माह होगा। अन्य श्रेणियों जैसे साप्ताहिक वेंडर्स के लिए शुल्क 200 से 600 रुपये प्रतिमाह तक निर्धारित किया गया है।

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