मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों को दी तीन नई सौगातें

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शिमला-जसपाल ठाकुर

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों को तीन और बड़ी सौगात दी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हिमाचल दौरे के व्यस्तता के बीच शुक्रवार सायं सात बजे सरकारी आवास ओकओवर में इन मामलों की फाइल पर साइन किए। अब अनुबंध कर्मी तीन की बजाय दो साल में नियमित हो पाएंगे। दिहाड़ीदार पांच साल की बजाय चार साल में नियमित होंगे, जबकि अंशकालीन कर्मियों के नियमितीकरण की अवधि भी एक साल घटा दी गई। अंशकालिक तय अवधि से एक साल पहले दैनिक भोगी तबदील होंगे।

तीनों बड़े फैसलों पर सरकार के मुखिया ने मुहर लगा दी। अब सोमवार को इन फैसलों की अधिसूचना जारी हो सकती हैं। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर ने तीनों मामलों की जोरदार पैरवी की थी। उनकी ही पहल पर मंत्रिमंडल की बैठक से पहले संयुक्त सलाहकार समिति यानी जेसीसी की बैठक की प्रोसिडिंग पर भी मुख्यमंत्री ने साइन किए थे। अब कर्मचारियों के हितों से जुड़े तीन बड़े फैसले लिए गए हैं।

इनकी घोषणा पिछले माह हुई संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में की गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की थी। उन्होंने इस बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों को करीब साढ़े सात हजार करोड़ के वित्तीय लाभ प्रदान करने की घोषणा की थी। इसके बाद कुछ दिन पहले ही हुई मंत्रिमंडल की बैठक में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने पर मुहर लगी थी हालांकि अभी इसकी अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

इसमें कर्मचारियों को नए वेतनमान में 28 फीसद महंगाई भत्ता देने का प्रविधान रखा गया है, जबकि वेतनमान को लेकर दो फार्मूले अपनाए जाने के विकल्प दिए गए हैं। सरकार का दावा है कि वर्ष 2016 से बड़े हुए वेतन का एरियर भी चुकाया जाएगा, लेकिन सरकार पहले ही अंतरिम राहत के तौर पर 5000 करोड़ की राशि प्रदान कर चुकी है शेष देय राशि किस्तों में प्रदान की जाएगी।

कर्मचारी बनाते और बिगड़ते हैं सरकार का समीकरण

प्रदेश में कर्मचारियों की बड़ी तादाद है सेवारत कर्मचारियों और पेंशनर की संख्या चार लाख से अधिक है। यह किसी भी सरकार का समीकरण बनाने और बिगाडऩे में अहम भूमिका निभाते हैं मौजूदा सरकार ने अगले वर्ष होने वाले चुनाव से ऐन पहले बड़ा सियासी मास्टर स्ट्रोक लगाया है। कर्मचारियों के बड़े वर्ग को साधने की कोशिश की है। पंजाब ने जैसे ही छठे वेतनमान की सिफारिशें लागू करने की घोषणा की। इसके बाद हिमाचल में भी इसकी कसरत शुरू की।

अश्वनी ठाकुर, राजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष के बोल 

मुख्यमंत्री कर्मचारी हितेषी हैं। उन्होंने जेसीसी में जो घोषणा की थी, उन पर अब फैसले लिए जा रहे हैं । तीन बड़ी घोषनाओं पर अब मुख्यमंत्री ने मंजूरी की मुहर लगा दी है। इसके लिए कर्मचारी उनके आभारी रहेंगे

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