बिजली बिलों की दर में की गई वृद्धि जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही

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व्यूरो, रिपोर्ट

बिजली बिलों की दर में की गई वृद्धि के मामले को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेश धर्माणी ने जय राम प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा चुपके से बिजली दरें बढ़ाकर महंगाई व बेरोजगारी से त्रस्त जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया हैै।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने कोरोना लॉकडाऊन के दौरान (31 मई) ही चुपके से बिजली की दरें बढ़ाकर महंगाई, बेरोजगारी जैसी गंभीर चौतरफा समस्याओं का सामना कर रही जनता के ऊपर कहर बरपाने का काम किया।

बिजली बोर्ड ने कहने को तो 125 यूनिट मासिक से कम खर्च करने

वाले उपभोक्ताओं की दरें नहीं बढ़ाई लेकिन ज्यादातर उपभोक्ताओं को हर महीने बिल नहीं मिलता है और जब कई महीनों का इकट्ठा बिल आता है तो 99% उपभोक्ता 125 यूनिट तक की कम दरों का लाभ नहीं ले पाते जैसे ही 126 व 300 यूनिट या इससे ज्यादा की खपत होती है तो उच्चतर दरें लागू हो जाती हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि

सरकार ने चालाकी से बढ़ाये बिजली के बिल की सच्चाई व्यक्त करने के लिए निम्नलिखित पर गौर फरमाऐं:

प्रदेश सरकार ने पहले से ही कोरोना महामारी से त्रस्त जनता को एक और झटका देते हुए बिजली के बिलों में भारी बढ़ोतरी की है।ये बढ़ोतरी 31 मई 2021 से लागू की गयी है।

पहले 0-125 यूनिट बिजली की खपत का रेट1.55रुपए/यूनिट

उसके उपरांत 126-300 यूनिट का रेट 2.95रुपए/यूनिट था।

301 से अधिक यूनिट का रेट 4.40रुपए/यूनिट था।

इसे ऐसे समझिए कि यदि किसी व्यक्ति की मासिक बिजली खपत 350 यूनिट थी

तो पहले 125 यूनिट का बिल1.55रुपए/यूनिट की दर से,

अगले 175 यूनिट बिल 2.95रुपए/यूनिट की दर से,

और बचे हुए 50 यूनिट 4.40रुपए/यूनिट की दर से

मतलब विद्युत खपत का बिल-125×1.55+175×2.95+50×4.40=930रुपए

लेकिन अब सरकार ने लोगो को बेवकूफ बनाते हुए नई दरें लागू की जिसमें उपरोक्त स्लैब्स को तीन श्रेणी में वर्गीकृत कर दिया।

अगर खपत 125 यूनिट्स से कम है तो रेट 1.55रुपए/यूनिट

लेकिन अगर खपत 125 यूनिट से ज्यादा है तो पहले 125 यूनिट्स की दर बढ़ा कर 1.85 रुपए/यूनिट लगेगी

और अगले स्लैब 126-300 यूनिट की दर 2.95 रुपए/यूनिट से बढ़ा कर 3.95 रुपए/यूनिट कर दी गयी है

300 से अधिक यूनिट खपत करने पर

अब नई डर 5रुपए/यूनिट होगी।

अब बढ़ी हुई दरों के बाद उपरोक्त 350 यूनिट्स का बिजली खपत बिल

125×1.85+175×3.95+50×5=

1172.5रु होगा।

अब आपको एक और उदाहरण से समझाते है मान लीजिए सोरव और गौरव दो विद्युत उपभोक्ता है तो सौरव 125 यूनिट्स बिजली की खपत करते है व गौरव 126 यूनिट बिजली की खपत करते है।

तो सौरव का विद्युत ऊर्जा खपत बिल 125×1.55=193.75रु होगा

जबकि गौरव का बिल 125×1.85+1×3.95=235.20रु होगा।

यानी 126वां यूनिट की कीमत 41.45रु होगी।

यह गौरव कोई भी नागरिक हो सकता है।

यानी जब जनता 126वां यूनिट खपत करेगा तो बिजली का बिल एक दम से 41.45 बढ़ जाएगा।

यानी यह एक यूनिट 41.45रु का पड़ेगा।

वैसे ही कोरोना काल में बेरोज़गारी बढ़ गई है और सरकार अब धूर्तता पर उतारू है।

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