बड़ा फैसला, बंद नहीं होगी हिमकेयर योजना

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शिमला – नितिश पठानियां 

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि हिमकेयर योजना को बंद करने की प्रदेश सरकार की कोई मंशा नहीं है। इस योजना की कुछ कमियों को दूर कर इसे और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।

अग्निहोत्री गुरुवार को हिमकेयर कार्ड और आयुष्मान भारत कार्ड के संबंध में गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष अफवाह फैला रहा है कि प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना को बंद कर दिया है, जो सरासर गलत है।

सच्चाई यह है कि राज्य सरकार ने कुछ अनियमितताएं पाए जाने के बाद केवल निजी अस्पतालों को इस योजना के दायरे से बाहर करने का निर्णय लिया है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लोगों को सरकारी अस्पतालों में हिमकेयर कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधा जारी रहेगी। हिमकेयर कार्ड से स्वास्थ्य लाभ लेने पर सरकार द्वारा हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।

ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां मेडिकल बिल और उपचार की लागत में बहुत ज्यादा अंतर पाया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा अभी निजी अस्पतालों को 150 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना है, जबकि सरकारी अस्पतालों को 307 करोड़ की अदायगी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस योजना के अंतर्गत कुल 457 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सीमा निर्धारित करने के कारण प्रदेश में आयुष्मान भारत कार्ड का लाभ लेने वाले पांच लाख 32 हजार परिवार ही पंजीकृत हैं, जबकि प्रदेश में ऐसे 14 लाख 83 हजार परिवार हैं, जिन्हें आयुष्मान भारत योजना में पंजीकृत किया जाना चाहिए।

केंद्र सरकार आयुष्मान भारत योजना को प्रदेश में संचालित करने के लिए हर वर्ष केवल 50 करोड़ रुपए ही प्रदान करती है। इस वित्त वर्ष के शुरुआती छह माह में ही यह 50 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है।

शेष बचे महीनों में आयुष्मान के तहत सभी देनदारियों का भुगतान प्रदेश सरकार को करना होगा, जिसकी अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपए से अधिक है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान से जुड़े व्यय के संदर्भ में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से बातचीत की जाएगी।

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