प्रयागराज में आस्था का महासंगम, अब तक 50 लाख से ज्याद भक्तों ने लगाई पवित्र डुबकी

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हिमखबर डेस्क

प्रयागराज में संगम तट आस्था का सैलाब उमड़ आया है। यानी कि प्रयागराज 45 दिन के लिए सनातन का सबसे बड़ा ‘शक्ति-केंद्र’ बन गया है। सोमवार, 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ महाकुंभ की शुरुआत हो गई है। अब तक 50 लाख से ज्यादा भक्त पवित्र डुबकी लगा चुके हैं।

अब यह दौर महाशिवरात्रि यानी 26 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान कुल छह शाही स्नान होंगे। जैसे गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती की धाराएं हजारों किलोमीटर की यात्रा करके प्रयाग में मिलती हैं, वैसे ही सनातन आस्था के प्रतीक चारों शंकराचार्य, शैव-वैष्णव, उदासीन सहित सभी अखाड़ों के महामंडलेश्वर, सभी परंपराओं के जगद्गुरु, सिद्ध योगी और संत-महंत पौष पूर्णिमा (13 जनवरी) से महाशिवरात्रि (26 फरवरी) तक संगम किनारे विराजमान होंगे।

चारों धाम, सात पुरियों सहित सभी प्रमुख तीर्थों के प्रतिनिधि और उत्सव मूर्तियां, प्राचीन व आधुनिक मत-संप्रदायों की विभूतियां एक स्थान पर दर्शन देंगी। इनका कठिन तप, लाखों मंत्र पाठ, जप-कीर्तन और यज्ञ आहुतियां त्रिवेणी तट को सनातन का शक्ति-केंद्र बनाएंगी।

महाकुंभ मेला अधिकारी विजय किरन आनंद के बोल

महाकुंभ मेला अधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि पौष पूर्णिमा स्नान पर्व से महाकुंभ का श्रीगणेश होने जा रहा है। इसके दूसरे दिन मंगलवार को मकर संक्रांति पर्व के पुण्य अवसर पर अखाड़ों का ‘अमृत स्नान’ होगा। दोनों ही पर्वों पर हेलिकाप्टर से स्नान घाटों पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कराई जाएगी।

प्रयाग वही दिव्य स्थान है, जहां खुद ब्रह्मा जी ने यज्ञ करके सृष्टि का सृजन किया। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से बनने वाले सुयोग में अमृत-आचमन की आकांक्षा लिए देश-दुनिया के करोड़ों तीर्थयात्री प्रयागराज आते हैं। अमृत लाभ का यह संकल्प इस महापर्व को सनातन ही नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बनाता है।

यूपी सरकार ने दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम के लिए ‘महाकुभ क्षेत्र’ को 76वां अस्थायी जिला बनाया है। 40 वर्ग किलोमीटर में फैले मेला क्षेत्र में 40 करोड़ से अधिक तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान है। केंद्र और यूपी सरकार ने इसके लिए 6,382 करोड़ रुपए का बजट रखा है।

इलाहाबाद का नाम प्रयागराज होने के बाद पहले कुभ में जिला के बाहरी हिस्से से संगम तक सात लेयर की सुरक्षा व्यवस्था है। मेले में 56 थाने, 60 फायर स्टेशन और तीन महिला थाने बनाए गए हैं। 37 हजार पुलिसकर्मी, 14 हजार होमगार्ड सहित 50 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। एनएसजी सहित केंद्रीय एजेंसियां भी तैनात हैं।

2700 सीसीटीवी कैमरा और 340 एआई से लैस कैमरे 24 घंटे मेले की निगरानी करेंगे। सुरक्षित स्नान के लिए 25 हाईटेक जेट स्की जल पुलिस को दी गई हैं। 30 अस्थायी पांटून पुल, 2.69 लाख चकर्ड प्लेट से 650 किलोमीटर सडक़ बनी है।

मेला क्षेत्र में 200 बेड का अस्पताल भी बनाया गया है। नौ पक्क घाट और 12 किलोमीटर क्षेत्र में 50 अस्थायी घाट भी बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र में 102 पार्किंग हैं, जिनमें पांच लाख वाहन खड़े हो सकेंगे। इनमें भुगतान फास्टैग से होगा।

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