मंडी – अजय सूर्या
सदियों पुरानी परंपरा को निभाते हुए हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी के लोगों ने होली का त्यौहार एक दिन पहले मनाकर जमकर गुलाल उड़ाया। बता दें कि मंडी जिला में रियासतकाल से ही होली के त्यौहार को एक दिन पहले मनाने की परंपरा रही है।

यहां शैव और वैष्णव का अनूठा संगम है जिस कारण यहां होली का त्यौहार एक दिन पहले ही मनाया जाता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए छोटी काशी मंडी के लोगों ने गुरुवार को पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ होली का त्यौहार मनाया। हर गली-मुहल्ले में लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई देते हुए नजर आए।

गली मुहल्लों में लोग डीजे की धुनों पर जमकर थिरके। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इस पर्व को बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया। सामूहिक कार्यक्रम हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शहर के सेरी मंच पर आयोजित किया गया।

सामूहिक कार्यक्रम का नजारा इस बार कुछ हटकर देखने मिला। इस बार आयोजन का और ज्यादा विस्तार करते हुए बेहतरीन डीजे और व्यवस्थाएं रखी गई थी, जिसका लोगों ने पूरा आनंद उठाया।

यहां लोग सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक डीजे की धुनों पर जमकर थिरके और जमकर गुलाल उड़ाया। इसके साथ ही लोग राज माधव मंदिर भी गए और वहां विराजमान भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को गुलाल लगाया।

गौरतलब है कि राज माधव राय को मंडी शहर का राजा कहा जाता है इसलिए होली का त्यौहार इन्हें रंग लगाए बिना अधूरा माना जाता है। इसी परंपरा को निभाने के लिए लोग मंदिर पहुंचे और गुलाल लगाया।

लोगों ने बताया कि मंडी की होली का उन्हें वर्ष भर बेसब्री से इंतजार रहता है क्योंकि यह एक ऐसा पर्व है जिसमें लोग अपनी परंपराओं का भी निर्वहन करते हैं और सामूहिक रूप से भी इसके आयोजन में शामिल होकर एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं।

इस मौके पर जिला के दो उपमंडल करसोग और सरकाघाट को छोड़कर बाकी पूरे जिला में स्थानीय अवकाश रहा। सभी सरकारी कार्यालय बंद रहे और लोगों ने जमकर होली मनाई। धर्मपुर और करसोग उपमंडलों में होली का त्यौहार 14 मार्च को मनाया जाएगा।

