पठानकोट एयरपोर्ट को जाने वाला एकमात्र मार्ग भारी बारिश के कारण बहा

--Advertisement--

Image

पठानकोट – भूपेंद्र सिंह राजू

हिमाचल के साथ सटे पंजाब बार्डर के पठानकोट एयरपोर्ट को जाने वाली एकमात्र सड़क विभाग की अनदेखी के कारण एक बार फिर भारी वर्षा के कारण बह गई है।

विधानसभा क्षेत्र इंदौरा की ये एकमात्र सड़क पंचायत माजरा, मोहटली और एयरपोर्ट को आपस में जोड़ती है। करीब दो साल पहले भी यह सड़क चक्की दरिया में पानी के तेज बहाव की वजह से बह गई थी।

उस दौरान लोक निर्माण विभाग की ओर से एक करोड़ रुपये के करीब क्रेटवाल लगाकर इसकी मरम्मत कर दी गई थी। फिलिंग के लिए एक ठेकेदार को करीब 21 लाख रुपये का टेंडर भी अलाट किया गया था, लेकिन एक साल बीत जाने पर भी उक्त ठेकेदार द्वारा काम पूरा नहीं किया गया।

इसके बावजूद विभाग द्वारा ठेकेदार को आधे से ज्यादा पेमेंट भी कर दी गई और अब यह सड़़क मार्ग भारी बारिश के कारण वह गया है। इसके साथ लगते रेलवे पुल जिसका निर्माण करोड़ों की लागत से हुआ है। उसके बहने का खतरा मंडरा रहा है।

रेलवे पुल के सभी रिवर बेड तेज पानी में बह गए हैं अगर समय रहते विभाग तक नहीं हुआ तो यह रेलवे पुल भी इसी तरह पानी में समा सकता है जिसको भी समाचार पत्रों के माध्यम से छाप कर कई बार विभाग को सचेत किया गया है।

वहीं लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर होने वाली राजनीति भी सड़क के बहने के पीछे बड़ा कारण है। लोगों का कहना है कि राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते ही ठेकेदार को काम पूरा होने से पहले ही आधे से अधिक भुगतान भी कर दिया गया है।

चार पंचायतों को आपस में जोड़ता है मार्ग

पठानकोट एयरपोर्ट को जाने वाली सड़क हिमाचल प्रदेश की चार पंचायतों को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क है। इनमें पंचायत सीरत, पंचायत मोटली, पंचायत डमटाल और माजरा पंचायत आती हैं।

गांव माजरा में काफी क्रशर लगे हुए हैं। इसके चलते हर रोज सैकड़ों ट्रक क्रशर सामग्री लेकर इसी सड़क से गुजरते हैं। इस सड़क के खस्ताहाल होने से यहां कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना होने की भी आशंका बनी हुई है।

अधिकारी बोले- मंजूरी के लिए केंद्र को डीपीआर भेजी है

वही इस विषय पर जब एक्सईएन लोक निर्माण विभाग इंदौरा बलदेव सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया के इस सड़क के 2 करोड़ के टेंडर ठेकेदार को अलाट कर दिए गए हैं। 21 करोड़ की कंटेनिग डिजास्टर फिलिंग वाल बनाने के लिए केंद्र सरकार को इसकी डीपीआर बनाकर भेज दी गई है। जल्द ही इसका अप्रूव्ल आने की उम्मीद है।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

फ्लैश बैक: हिमाचल में कभी हाथ उठाकर और रस्सी खींचकर चुने जाते थे पंचायत के मुखिया, विधायक का रहता था दखल

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश की पंचायतीराज व्यवस्था का इतिहास बेहद...

हिमाचल: पुलिस कांस्टेबल कुलदीप सिंह का हृदय गति रुकने से निधन, अंतिम संस्कार में दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

हिमखबर डेस्क बिलासपुर पुलिस में कार्यरत कांस्टेबल कुलदीप सिंह का...

कांगड़ा में बिजली ठीक करने खंबे पर चढ़ा लाइनमैन, करंट लगने से मौत

हिमखबर डेस्क विद्युत उपमंडल विंद्रावन में बतौर लाइनमैन कार्यरत मोहन...