
नगरोटा सूरियां – व्युरो
ज्वाली उपमंडल के नगरोटा सूरियां के एक निजी स्कूल में 7 साल से चपरासी के पद पर तैनात महिला को बिना कारण बिना नोटिस के स्कूल से निकालने का मामला प्रकाश में आया है।
पीड़िता राधा देवी ने बताया कि वह करीबन 7 साल पहले से स्कूल में चपरासी के पद पर कार्यरत थी तथा मुझे ईपीएफ नाम से संगठन में भी शामिल किया गया था। लेकिन करीबन डेढ़ साल पहले स्कूल की मुख्याध्यापिका ने बिना किसी ठोस वजह बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
उन्होंने बताया कि इस बारे में कोई भी नोटिस नही दिया गया। उन्होंने बताया कि उनके पति की पहले ही मृत्यु हो गई थी। कमाई का एक ही जरिया था वह भी मुख्याध्यापिका ने छीन लिया । हालत इस क़द्दर है कि दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हूँ। मात्र विधवा पेंशन ही एक सहारा है।
उन्होंने जिलाधीश काँगड़ा से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द स्कूल प्रशासन पर कार्यवाई की जाए,ताकि मुझे इंसाफ मिल सके।
अधिकारी के बोल
इस बारे में डीएवी संस्था जिला काँगड़ा के डायरेक्टर वी के यादव से बात हुई उन्होंने बताया कि मामला मीडिया के माध्यम से ध्यान में आया है, जिसकी जांच कर उचित कार्यवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रिंसिपल एकता अत्रि के बोल
इस बारे में विद्यालय की प्रिंसिपल एकता अत्रि से बात हुई उन्होंने बताया कि राधा देवी सहायता सेकुरिटी एजेंसी द्वारा रखी गई थी। उन्होंने इसका तबादला नगरोटा से पालमपुर के लिए कर दिया था। ये वहाँ जाना नहीं चाहती इसलिए आरोप लगाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर लगाए गए आरोपी निराधार है।
