जाति सूचक शब्दों के प्रयोग करने का आरोप सिद्ध होने पर , दोषी को 2 वर्ष कारावास एवं जुर्माना

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मंडी – डॉली चौहान

माननीय विशेष न्यायाधीश मण्डी, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश, की अदालत ने जातिगत भेद भाव करने और सार्वजनिक तौर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने के लिए आरोपी को 2 वर्ष के कारावास की सजा के साथ ₹20,000/- जुर्माने की सजा सुनाई।

जिला न्यायवादी, मण्डी कुलभूषण गौतम ने बताया कि पीडिता (प्रधान ग्राम पंचयात) ने पुलिस थाना सरकाघाट में दिनाँक 02.03.2016 को एक शिकायत दर्ज करवाई कि दिनाँक 26.02.2016 को गाँव के किसी व्यक्ति के खिलाफ एक शिकायत पत्र प्राप्त हुआ था और दिनाँक 27.02.2016 को पीडिता ने उस शिकायत पत्र को सम्बंधित पंचायत रजिस्टर में दर्ज करने के पश्चात पंचायत के कुछ सदस्यों के साथ मौका करने गई तो पीडिता ने प्रधान होने के नाते गाँव के कुछ लोगों को भी मौके पर बुलाया l

उन्ही में से एक हुकम चन्द उर्फ़ खेमू वहाँ पर आया और पीडिता को जाति सूचक शब्द कहे व गाली गलोच करने लगा l पीडिता के उक्त ब्यान पर पुलिस थाना सरकाघाट में हुकम चन्द उर्फ़ खेमू के खिलाफ अभियोग संख्या 61/2016 दर्ज हुआ था l

इस मामले की छानबीन संजय भाटिया उप पुलिस अधीक्षक सरकाघाट ने कि थी और छानबीन पूरी होने पर थाना अधिकारी द्वारा मामले के चालान को अदालत में दायर किया था I उक्त मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 9 गवाहों के ब्यान कलम बन्द करवाए थे l

अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने हुकम चन्द उर्फ़ खेमू पुत्र सुंदर सिंह निवासी गाँव कोठी रोपा डाकघर थीना गलू तहसील सरकाघाट को अनुसूचित जाति / जनजाति अधिनियम 1989 की धारा 3 के तहत 2 वर्ष के कारावास की सजा के साथ ₹20,000/- जुर्माने की सजा सुनाई l

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