
सोलन- जीवन वर्मा
भारत में रूस की कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी के बाद अब एक डोज वाली स्पुतनिक लाइट वैक्सीन जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी। सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी (सीडीएल) कसौली में जांच के लिए आए बैच पास हो गए हैं। कंपनी की ओर से ये बैच क्लीनिकल ट्रायल के रूप में तैयार किए गए हैं।
स्पुतनिक लाइट वैक्सीन का उत्पादन जिला सोलन के बद्दी में पनेशिया बायोटेक में किया जा रहा है। कंपनी को इसके उत्पादन के लिए जुलाई में लाइसेंस दिया गया था। इसके बाद ट्रायल के लिए उत्पादन किया गया। स्पुतनिक लाइट वैक्सीन कोरोना को मात देने में कितनी कारगर है, इसका पता भी क्लीनिकल ट्रायल के बाद ही चल सकेगा। स्पुतनिक-वी की भारत में दो डोज प्रयोग में लाई जा रही हैं। इस वैक्सीन को आपात प्रयोग के लिए अप्रैल में मंजूरी मिली थी।
इसके बाद भारत में उत्पादन शुरू किया था। लेकिन अब टीकाकरण की क्षमता को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास में लगे भारत की स्थिति स्पुतनिक लाइट के आने से और मजबूत हो जाएगी। बताया जा रहा है कि स्पुतनिक लाइट कोरोना वायरस के सभी वैरिएंट कि खिलाफ प्रभावी सिद्ध हो सकती है।
यहीं नहीं, स्पुतनिक लाइट वैक्सीन स्पुतनिक-वी के घटक-1 के समान है। पनेशिया बायोटेक ने बीते दिनों क्लीनिकल ट्रायल के बैच सीडीएल कसौली में जांच के लिए भेजे थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्रमाणित लैब में परीक्षण के दौरान क्लीनिकल ट्रायल बैच सही पाए गए हैं। कंपनी की ओर से अब और क्लीनिकल ट्रायल बैच तैयार किए जा रहे हैं। आगामी दिनों में कंपनी इसकी रिपोर्ट डीसीजीआई को सौंपेगी।
