
ब्यूरो- रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा बंद नहीं होगी। एबुंलेस सेवा प्रदान करने वाली कंपनी जीवीके के साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का करार रविवार को खत्म हो गया है, जबकि 108 एंबुलेंस सेवा का करार भी इसी कंपनी के साथ किया है।
यह करार जनवरी महीने में समाप्त होना है। ऐसे में 108 एंबुलेंस सेवा प्रभावित नहीं होगी। वहीं, एनएचएम ने कंपनी से 102 एबुलेंस सेवा के करार को एक्सटेंड करने को कहा है। यह कंपनी तब तक सेवाओं को एक्सटेंड करेगी, जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को नया पार्टनर नहीं मिल जाता है।
ऐसे में प्रदेश में मरीजों के लिए आपातकालीन सेवाएं फिलहाल मिलती रहेगी। हालांकि 102 एबुंलेंस सेवा के लिए नए पार्टनर के जुडऩे से स्टाफ को लेकर फैसला हो सकता है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि नई कंपनी वर्तमान में काम कर रहे स्टाफ के साथ ही काम करेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो कोविड काल में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा ने बेहतर काम किया है। प्रदेश में संचालित की जा रही एंबुलेंस-108 और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम-102 संक्रमितों के जीवन को बचाने का माध्यम बनी हैं। कोविड में 108 ने सभी जिलों में 43,821 मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचाने में अपना योगदान दिया हैं।
वहीं, 102 के माध्यम से अब तक कुल 2,70,474 सैंपल कोविड की जांच के लिए एकत्रित किए हैं। चार से 10 अक्तूबर तक एनएएस-108 ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 61 बार कोविड आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाया है, जबकि जेएसएसके-102 ने इसी अवधि के दौरान कोविड जांच के लिए 304 सैंपल एकत्रित किए हैं।
108 ने लाया अस्पताल, 102 एंबुलेंस ने छोड़ा घर
कोविड समरीजों को अस्पताल पहुंचाने का जिम्मा 108 को सौंपा गया है, वहीं वापस घर छोडऩे का काय 102 को सौंपा गया हैं। अब तक 102 ने प्रदेश भर में 42 एंबुलेंस के माध्यम से 5698 लोगों को घर छोड़ा।
