आपदा के दौरान तुरन्त कार्रवाई करें सभी विभाग : सुरेंद्र ठाकुर

--Advertisement--

Image

नूरपुर 15 जून :देवांश राजपूत

 

स्थानीय प्रशासन ने मानसून सीजन को चुनौती के रूप में लेते हुए प्रबंधन की सभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में आज मंगलवार को एसडीएम डॉ सुरेंद्र ठाकुर ने मिनी सचिवालय में कोविड प्रोटोकॉल के तहत विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बरसात के मौसम के दृष्टिगत विशेष सतर्कता व सजगता बरतते हुए तुरन्त कार्रवाई करें , ताकि किसी भी आपदा से समय रहते निपटा जा सके।

 

उन्होंने कहा कि किसी भी घटित होने वाली प्राकृतिक आपदा को रोका नहीं जा सकता है, परंतु बेहतर प्रबंधन व विभागों के आपसी तालमेल से आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपदा के दौरान तुरन्त कार्रवाई करते हुए कम से कम समय में कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मॉनसून के दौरान उपमंडल अधिकारी के कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसके दूरभाष नंबर 01893-220024 पर कोई भी सूचना दी जा सकती है ।

 

उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में पानी की निकासी वाली नालियों के बंद होने के कारण सड़कों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है । उन्होंने पीडब्लूडी सहित नगर परिषद के अधिकारियों को मॉनसून से पहले सभी नालियों का निरीक्षण करने तथा उचित सफाई करवाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त बिजली विभाग को पेड़ों के पास से गुजर रही विद्युत लाइनों को तुरन्त हटाने तथा ऐसे पेड़ों की सूचना तुरन्त प्रशासन को देने के निर्देश दिए ।

 

उन्होंने अधिकारिओं को निर्देश दिए कि भू-स्खलन वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए और किसी भी प्रकार की आपदा के दौरान सड़कों को बाधारहित बनाने के लिए समय रहते उचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने सिंचाई व जन स्वास्थ्य विभाग को सभी जलापूर्ति श्रोतों सहित भंडारण टैंकों की जल्द सफाई करवाने के निर्देश दिए ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

 

एसडीएम ने अधिकारियों को लोगों द्वारा नदी-नालों के लिये अनाधिकृत तौर पर बनाए गए रास्तों को तुरन्त बंद करने व इसके नजदीक चेतावनी बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने पुलिस विभाग को नदी नालों के किनारे रहने वाले प्रवासी परिवारों तथा मवेशियों को वहां से तुरन्त हटाने व सुरक्षित स्थानों पर भेजने के भी निर्देश दिए।

 

एसडीएम ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे बरसात के मौसम के दौरान अपना फ़ोन स्विचऑफ न रखें और न ही बिना किसी पूर्व अनुमति अपना मुख्यालय छोड़ें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनसे आसानी से संपर्क स्थापित किया जा सके।

 

उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को पंचायत प्रतिनिधियों तथा वालंटियर्स से संपर्क कर शीघ्र बैठक करने के भी निर्देश दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका सहयोग लिया जा सके। इसके अतिरिक्त उनसे उनके क्षेत्र में जानमाल के लिए खतरा बन चुके पेड़ों व अन्य खतरनाक स्थलों की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर लेने के भी निर्देश दिए।

 

उन्होंने खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाए रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्नेक बाईट आदि के टीके तथा अन्य जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित बनाए रखने के निर्देश दिए।

ये रहे मौजूद:
तहसीलदार सुरभि नेगी, बीडीओ डॉ रोहित शर्मा, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट रजनीश शर्मा, नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी आशा वर्मा, नूरपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अश्विनी सूरी, तहसील कल्याण अधिकारी अनुराधा, बागवानी विकास अधिकारी डॉ अनामिका सैनी, खाद्य आपूर्ति निरीक्षक अजय कोंडल सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

कांगड़ा में जंगली जानवरों का कहर, 31 मेमनों को उतारा मौत के घाट; चरवाहों पर टूटा दुखों का पहाड़

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के उपमंडल पालमपुर...

सुबह कमरे से नहीं निकला राहुल… जब दरवाजा खोला तो मंजर देख कांप गई रूह

हिमखबर डेस्क  पुलिस थाना भराड़ी के अंतर्गत आने वाली ग्राम...

प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश में धनराशि स्वीकृत

हिमखबर डेस्क  केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मन्त्री कमलेश पासवान ने...

पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार ने दी बड़ी राहत, 10 रुपए घटी एक्साइज ड्यूटी

हिमखबर डेस्क  अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में...