हिमखबर डेस्क
रामनवमी के पावन पर्व पर उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां बाला सुंदरी धाम में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां के चरणों में शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस बार का आयोजन विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा, क्योंकि पूरे मंदिर परिसर को करीब 8000 दीपों से सजाया गया था। जैसे ही शाम ढली, दीपों की सुनहरी रोशनी से पूरा धाम जगमगा उठा और वातावरण दिव्यता से भर गया।
हर ओर दीपों की कतारें एक अलौकिक दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं, जिसे देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। विशेष रूप से शिव मंदिर के चारों ओर सजे दीपों ने पूरे परिसर की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया।
भक्तिमय माहौल में गूंजते “जय माता दी” के जयकारों ने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आरती में भाग लिया और मां बाला सुंदरी से सुख-समृद्धि की कामना की।
यह पहला अवसर था जब इस तरह बड़े स्तर पर दीपों से साज-सज्जा की गई, जिसने आयोजन को और भी भव्य बना दिया। मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए, जिससे दर्शन और पूजा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही।
इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया, बल्कि परंपरा और संस्कृति के संरक्षण का भी संदेश दिया। मां बाला सुंदरी धाम में रामनवमी का यह दिव्य उत्सव श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया।

