मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 12 ई-स्कूटरों को दिखाई हरी झंडी, 8 जिलों में होंगे तैनात

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शिमला – नितिश पठानियां 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज ओक ओवर शिमला से 12 ई-स्कूटरों को झंडी दिखाकर रवाना किया। हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा स्वास्थ्य विभाग को प्रदान किए गए इन ई-स्कूटरों को प्रदेश के आठ जिलों में तैनात किया जाएगा।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य घर-द्वार के निकट एचआइवी, एसटीआई, टीबी और हेपेटाइटिस से ग्रसित मरीजों को दवाईयां, जांच और परामर्श की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाना है। प्रदेश में कोई भी व्यक्ति बेहतर उपचार सुविधा से वंचित न रहे इसके दृष्टिगत हिमाचल में पहली बार इस तरह का समर्पित प्रयास किया गया है।

सरकार के इस संवेदनशील निर्णय से इन बीमारी से ग्रसित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी जिससे वे स्वस्थ्य जीवन व्यतीत कर सकेंगे।

स्वास्थ्य विभाग और राज्य एड्स नियंत्रण समिति की इस पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रेड रिबन क्लब, युवा, शैक्षणिक संस्थान और गैर सरकारी संस्थाएं एचआइवी के बारे में लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रदेश को एचआइवी मुक्त बनाना सरकार और लोगों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह ई-स्कूटर सरकार के प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 6 हजार से अधिक व्यक्ति एचआइवी से ग्रसित हैं, जिनमें से अधिकांश में इस वायरस का प्रभाव कम है जो सरकार की नीतियों और निरंतर प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत प्रदेश सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है और इसी दिशा में स्वास्थ्य विभाग को ई-स्कूटर प्रदान किए गए हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि राज्य एड्स नियंत्रण समिति राज्यभर के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में स्थापित 471 रेड रिबन क्लबों के माध्यम से सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इसके साथ ही स्कूलों में किशोर शिक्षा कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि स्कूल से बाहर के युवाओं में एचआईवी के प्रति जागरूकता लाने के लिए युवा सेवाएं एवं खेल विभाग और नेहरू युवा केंद्र संगठन भी मिलकर कार्य कर रहे हैं।

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