एक साल से बंद पड़ा अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट, ठेके पर दिया काम, हर माह ठेकेदार को 2 लाख रुपये पेमेंट कर रही सरकार

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एक साल से बंद पड़ा अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट, ठेके पर दिया काम, हर माह ठेकेदार को 2 लाख रुपये पेमेंट कर रही सरकार

मंडी – अजय सूर्या

कोरोना काल में केंद्र सरकार द्वारा पीएम केयर के तहत जोनल हॉस्पिटल मंडी को पीएसए यानी ऑक्सीजन प्लांट की सौगात दी गई थी। लेकिन बीते करीब एक वर्ष से यह प्लांट पूरी तरह से बंद पड़ा है। कारण, इसकी सही समय पर सर्विस का न हो पाना। बता दें कि पीएम केयर के तहत लगे इस पीएसए प्लांट की क्षमता एक हजार लीटर प्रति मिनट की है।

यह उच्च क्षमता वाला पीएसए प्लांट है जिससे पूरे हास्पिटल को पाइपलाइन के माध्यम से मरीज के बिस्तर पर ही ऑक्सीजन की सुविधा प्रदान की जाती है। इसमें दो कम्प्रेशर लगे हुए हैं जो रोटेशन में काम करते हैं। इन दोनों की सर्विस होनी है जोकि बीते एक वर्ष से नहीं हो पाई है, जिस कारण यह प्लांट पूरी तरह से बंद पड़ा है और मात्र सफेद हाथी बनकर रह गया है।

एमएस डॉ. डीएस वर्मा के बोल 

जोनल हॉस्पिटल मंडी के एमएस डॉ. डीएस वर्मा ने बताया कि पीएसए प्लांट की सर्विस करवाने का विषय उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाया गया था जहां से इसकी सर्विस के लिए 3 लाख 52 हजार का बजट भी मिल चुका है। करीब 5 महीने पहले यह धनराशि पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिकल विंग को ट्रांसफर कर दी गई है। वहां से इसका टेंडर भी हो चुका है।

लेकिन जिस ठेकेदार को टेंडर मिला है वह इस कार्य को नहीं कर रहा है, जिस कारण यह प्लांट अभी तक सुचारू नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिकल विंग के अधिकारियों से संपर्क साधा गया है और उन्होंने जल्द ही इस कार्य को करवाने की हामी भी भरी है।

डा. वर्मा ने बताया कि पीएसए प्लांट के बंद होने के कारण हर महीने बाजार से ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदकर लाने पड़ रहे हैं। जहां हर महीने मात्र 40 से 50 सिलेंडर खरीदने पड़ते थे वहीं अब 750 सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं। इससे अस्पताल प्रबंधन को मासिक 2 लाख का अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। पीएसए प्लांट शुरू हो जाने से इस राशि की बचत होगी।

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