बनना था एंबुलेंस रोड़, पगडंडी निर्माण में लगा दिए मजदूर, ग्रामीणों ने रुकवाया काम

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ग्रामीणों ने कहा कि जब सरकार ने एंबुलेंस योग्य सड़क के लिए बजट मंजूर किया है तो पैदल रास्ता क्यों बनाया जा रहा है। इस रास्ते को बनाने में वक्त तो खराब होगा ही, गांव के लिए सड़क कब पहुंचेगी। ये सिर्फ पैसों की बर्बादी है।

सिरमौर – नरेश कुमार राधे

सरकारी पैसों की बर्बादी किस तरह होती है। इसका उदाहरण छछेती पंचायत में देखने को मिला। दो दिन पहले ही इस पंचायत के क्यारी गांव के लिए प्राक्कलन तो एंबुलेंस योग्य सड़क का बनाया, लेकिन काम मजदूरों से शुरू करवा दिया।

निर्देश होते ही मजदूर भी गेंती-बेलचा लेकर पैदल रास्ता (पगडंडी) बनाने के कार्य में जुट गए। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने मौके पर काम रोक दिया।

दरअसल, बीडीओ के आदेश पर पंचायत ने खाली अछोण से दो किलोमीटर दूर क्यारी गांव के लिए कनिष्ठ अभियंता की मौजूदगी में रास्ता बनाने का कार्य रविवार को शुरू किया, लेकिन ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद काम रोकना पड़ा। इसकी सूचना बीडीओ को भी दी गई।

बता दें कि प्रशासन ने एंबुलेंस योग्य सड़क के लिए 4.35 लाख मंजूर किए हैं। इसमें से तीन लाख की राशि सड़क बनाने के लिए ब्लाक को जारी हो चुकी है।

क्यारी गांव के सुरेश कुमार, राकेश, किशनचंद, चंद्रदत्त, लेखराज, सुरजीत पाल और सुखदत्त ने कहा कि जब सरकार ने एंबुलेंस योग्य सड़क के लिए बजट मंजूर किया है तो पैदल रास्ता क्यों बनाया जा रहा है। इस रास्ते को बनाने में वक्त तो खराब होगा ही, गांव के लिए सड़क कब पहुंचेगी।

ये सिर्फ पैसों की बर्बादी है। इससे पहले वह खुद भी कई बार पगडंडी बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि जेसीबी मशीन लगाकर सड़क बनाई जाए। ताकि, लोगों की परेशानी कम हो सके।

उल्लेखनीय है कि बरसात के दिनों में शेष दुनिया से कटे रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के क्यारी गांव के लोग काले पानी की जैसी सजा काट रहे हैं। न कहीं बाहर जा सकते और न बाहर से कोई व्यक्ति यहां पहुंच सकता। इस बीच सबसे ज्यादा परेशानी क्यारी गांव के बच्चे उठा रहे हैं, जो पढ़ाई के लिए खड़ी पहाड़ी और गिरि नदी पार कर स्कूलों में जा रहे हैं।

बीडीओ पांवटा साहिब प्रताप चौहान के बोल

उधर, बीडीओ पांवटा साहिब प्रताप चौहान ने बताया कि रास्ता बनाने के लिए मजदूर लगाए थे। ग्रामीणों के काम रोकने के बाद पंचायत को मशीन लगाने के निर्देश दे दिए हैं।

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