काँगड़ा – व्यूरो रिपोर्ट
उपमंडल नगरोटा बगवां के तहत एक निजी अस्पताल को एक बेटे ने अपनी मां की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इस संदर्भ में पीड़ित बेटे ने अस्पताल की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा से कर दी है। शिकायत पत्र में पीड़ित ने आरोप जड़े हैं कि निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण ही उनकी मां की मौत हुई है।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता वनीत कुमार ने लिखित शिकायत में कहा है कि उसकी मां मनोरमा देवी को 22 मार्च को बाएं घुटने के प्रतिस्थापन के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। प्री-ऑपरेटिव स्वास्थ्य मापदंडों की जांच के बाद घुटने का प्रतिस्थापन ऑपरेशन 23 मार्च को किया गया।
24 मार्च को उसकी मां का हीमोग्लोबिन (एचबी) 10 ग्राम प्रतिशत होने के बावजूद रक्त चढ़ाया गया। खून चढ़ाने के दौरान पांच मिनट के अंदर ही रक्त ट्रांफुशन संबंधित रिएक्शन शुरू हो गया और कुछ समय में उसकी मां बेहोशी में चली गई।
उसके बाद 25 मार्च को अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को टांडा अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। हालत इतनी खराब थी कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा और दो दिन बाद उसकी मां की मौत हो गई।
पीड़ित ने आरोप जड़ा है कि निजी अस्पताल ने लापरवाही बरतते हुए उसकी मां को बेमेल रक्त चढ़ाया था, जोकि उनकी मृत्यु का कारण बना।
उन्होंने सीएमओ कांगड़ा से मांग करते हुए इस मामले में उचित कार्रवाई करने के की मांग की है। इस संदर्भ में सीएमओ कांगड़ा डॉ. सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि अभी तक उनके पास शिकायत नहीं पहुंची है। शिकायत पहुंचने के बाद उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

