हिमाचल विस: सदन में नोकझोंक, कब देंगे 300 यूनिट बिजली, सीएम बोले- बजट में झलक देख लें

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नाचन के भाजपा विधायक विनोद कुमार ने सदन में 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का मामला उठाया। कहा कि बिजली कब से फ्री दे रहे हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि चार साल में सभी गारंटियों को तो पूरा करेंगे ही, अर्थव्यवस्था को भी पटरी पर लाएंगे।

शिमला – नितिश पठानियां

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन वीरवार को सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट को भू अधिग्रहण के लिए 2,000 करोड़ और मंडी के बल्ह में 8,000 करोड़ रुपये चाहिए।

विपक्ष सरकार का साथ दे और दिल्ली से पैसा लाने में मदद करें। चाहे मंडी का मामला हो या कांगड़ा का। ऐसा कोई काम नहीं, करेंगे जिससे गरीब का घर उजड़े।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा की बैठक शुरू होने से पहले स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने नई व्यवस्था दी। पठानिया ने कहा कि जब नाम पुकारा जा रहा तो सदस्य क्रॉस सीट पर बैठ रहें। अपनी सीट पर बैठना सुनिश्चित करें।

नाचन के भाजपा विधायक विनोद कुमार ने सदन में 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का मामला उठाया। कहा कि बिजली कब से फ्री दे रहे हैं।

सीएम सुक्खू ने कहा कि चार साल में सभी गारंटियों को तो पूरा करेंगे ही, अर्थव्यवस्था को भी पटरी पर लाएंगे। पहले बजट में भी गारंटियों की झलक देख ली है। गारंटियां सोच-समझकर दी गई हैं।

विनोद कुमार ने कहा कि आज लोग पूछ रहे हैं कि 300 यूनिट बिजली वाले कहां गए। ये बिजली का करंट बहुत जोर से लगेगा।

सीएम सुक्खू बोले – पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने भी 60 यूनिट निशुल्क बिजली दी। इन्होंने बाद में 125 यूनिट की। अगर झूठ बोल रहा हूं तो आपके पास विशेषाधिकार लाने का अधिकार है। हम चरणबद्ध तरीके से 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देंगे।

पंजाब और हरियाणा की ओर से वाटर सेस पर पारित किए प्रस्ताव पर सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का प्रस्ताव इन राज्यों से किसी संधि के खिलाफ नहीं है।

पंजाब सरकार का यह कहना कि प्रदेश सरकार का यह काम गैर कानूनी है, यह गलत है- हिमाचल पहला राज्य नहीं है, जिसने ऐसा किया है।

पंजाब और उत्तराखंड में इसे पहले ही लगाया जा चुका है। सांविधानिक व्यवस्था के अनुसार, पानी राज्य का विषय है, यह संकल्प पंजाब के किसी भी अधिकार का उल्लंघन नहीं।

बीबीएमबी ने स्थानीय लोगों को उन्हीं के हाल पर छोड़ दिया गया है। हिमाचल सिंधु नदी संधि का अनुसरण कर रहा है। हिमाचल सरकार ने राज्य का राजस्व बढ़ाने के लिए पानी के उपयोग पर यह कर लगाया है।

समस्त पड़ोसी राज्यों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि किसी पर नहीं- राजस्थान, हरियाणा जाने वाले पानी पर कोई कर नहीं लगाया गया है।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले व्यवस्था का प्रश्न उठाया कि डलहौजी के अधीक्षण अभियंता ने एक स्थानांतरण आदेश ज़ारी किये हैं।

पूर्व वन मंत्री के आदेश पर स्थानांतरण के आदेश किए हैं। ये पूर्व मंत्री कौन हैं। आठ नौ लोगों के आदेश किए हैं, मजाक बन रहा है।

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