
मानसिक तौर पर परेशान बेटे के इलाज के लिए पीडि़त परिवार ने लगाई मदद की गुहार
पालमपुर/पंचरुखी– नितिश पठानियां
85 वर्षीय बुजुर्ग महिला अपने मानसिक तौर पर परेशान बेटे का पालन पोषण करने को मजूबर है। बात पंचायत टटैहल के गांव बंडू की है जहां जिस उम्र में अपने बच्चों की सहायता एव सहयोग की जरूरत है वह उस उम्र में अपने लडक़े को पालने को मजबूर है।
कभी हंसता खेलता परिवार आज दयनीय स्थिति में है। उक्त गांव के एक बुजुर्ग महिला जिसे पहले अपने बड़े बेटे, छोटी बहू की मौत का दुख सहना पड़ा। वहीं अब अपनी बड़ी बहू की बीमारी के साथ छोटे बेटे की मानसिक परेशानी के साथ बीमारी का गम झेलना पड़ रहा है।
मात्र अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सहारे अपने बेटे के इलाज करवा रही है जो नाकाफी है। हालांकि स्थानीय निवासी मुंशी ठाकुर उनकी मदद करते रहते है। अब यह बुजुर्ग महिला किसी समाज सेवी संस्था से आस लगाए हुए है कि कोई उसकी मदद को हाथ बढ़ाए।
बुजुर्ग महिला दानवीर सज्जनों की राह ताक रही है जो उनके राशन पानी के साथ बीमार बेटे के इलाज को आगे आएं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अलावा कोई भी कमाने वाला नहीं है जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है।
उसके बेटे का इलाज चला हुआ है और इलाज के लिए पैसे भी नहीं रहे हैं। चंद एक दानवीर सज्जनों की मदद से इलाज हो रहा है। पीडि़त परिवार ने सामाजिक संस्थाओं से मदद की गुहार लगाई है ।
