शाहपुर: लंजोत में एकजुट हुये प्रदेश के टैक्सी ऑपरेटर्स, सरकार की नीतियों पर जाहिर की चिंता

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शाहपुर, नितिश पठानियां

 

कोरोनाकाल के शुरूआती दौर से लेकर अब तक क्या कुछ बदलाव देखने को मिले इसकी धुंधली तस्वीरें अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है, जिन लोगों के साथ इस काल में खिलवाड़ हुआ वो अब सड़कों पर उतरने लगे हैं। उन्हीं में से प्रदेश के टैक्सी ऑपरेटर्स भी शामिल हैं।

 

आज शाहपुर के रैत ब्लॉक के लंजोत में स्थित एतिहासिक चैकी मंदिर के प्रांगण में समस्त हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर्स एकमंच हुए और इस दौरान उन्होंने कोरोनाकाल के दौरान उनके साथ हुई घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

 

इस दौरान टैक्सी ऑपेटर्स ने मुद्दा उठाया कि सबसे पहले तो उन्हें प्रदेश में उन टैक्सी यूनियनों के साथ अपनी आंतरिक लड़ाई को सुलझाना है जो क्षेत्रवाद की भावना से ग्रसित हैं और जब उनके क्षेत्र में दूसरे क्षेत्र की टैक्सी जाती है तो वो गुंडा टैक्स वसूल करते हैं।

 

दूसरा जब टैक्सी की सर्विस होती है तो सालभर में एक बार ग्रीन टैक्स पे कर दिया जाता है फिर भी मनाली, धर्मशाला और डल्हौजी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में उनसे दोबारा-दोबारा ये ग्रीन टैक्स क्यों वसूला जाता है। इसके अलावा उन्होंने सरकार द्वारा हाल ही में सात सौ से सीधे 75 हजार तक पहुंचा दिये गये टैक्स स्लैब को लेकर भी बेहद नाराजगी जाहिर की कि कोरोनाकाल में सरकार ने बड़ा खेल करते हुये टैक्सी ऑपरेटर्स के सर पर संकट का पहाड़ खड़ा कर दिया है जिससे बाहर निकल पाना एक गरीब टैक्सी चालक के लिये किसी भी स्तर पर मुमकिन नहीं है।

 

वहीं उन्होंने आये दिन बढ़ रहे डीजल पेट्रोल के दामों को लेकर भी चिंता जाहिर की। इनता ही नहीं आजाद टैक्सी यूनियन के प्रधान सतपाल सिंह ने बताया कि वो अपनी मांगों को लेकर कई बार सरकार के नुमाइंदों से भी मुलाकात कर चुके हैं। खुद परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर से भी मिल चुके हैं मगर स्थिति अभी भी ढाक के तीन पात ही रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिये कि टैक्सी ऑपरेटर्स को भी सस्ते दामों पर लोन मुहैया करवाए जाएं ताकि वो भी नई टैक्सियां खरीदकर अपने घर का गुजर बसर कर सकें साथ ही तमाम मांगों पर भी गौर करें। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इसी तरह से टैक्सी ऑपरेटर्स के साथ सौतेला व्यवहार अपनाये रखा तो उन्हें मजबूरन सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ जाएगा।

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