लावारिस बच्चे के परिजन नहीं आए तो शुरू होगी दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया

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हिमखबर डेस्क 

जिला बाल संरक्षण अधिकारी तिलक राज आचार्य ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व लावारिस अवस्था में मिले तथा बाल आश्रम सुजानपुर में रखे गए एक बच्चे के परिजन अगर सामने नहीं आते हैं तो जिला बाल कल्याण समिति उसे 60 दिन के बाद गोद लेने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र कर देगी।

उन्हांेने बताया कि 17 नवंबर 2016 को जिला बाल कल्याण समिति कांगड़ा ने राकेश नाम के एक बच्चे को ऊना जिला पुलिस की सहायता से बाल देख-रेख संस्थान सुजानपुर में भेजा था।

यह बच्चा अपना नाम राकेश बताता है। अभी उसकी उम्र लगभग 17 साल, रंग सांवला, लंबाई 5 फुट 3 इंच है। वह पहाड़ी तथा हिंदी भाषा की जानकारी रखता है।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि आज दिन तक कोई भी अभिभावक इस बच्चे से मिलने नहीं आया है। अगर इस बालक के जैविक माता-पिता या अन्य अभिभावक उसे ले जाना चाहते हैं तो वे 60 दिन के भीतर जिला बाल संरक्षण इकाई हमीरपुर में सम्पर्क करें।

या फिर दूरभाष नंबर 01972-223344 या महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-225085 पर संपर्क करके तथा अपनी पहचान स्वरूप आवश्यक दस्तावेज दिखाकर इसे ले जा सकते हैं।

60 दिन की अवधि की समाप्ति के बाद इस बच्चे को दत्तक ग्रहण के लिए जिला बाल कल्याण समिति हमीरपुर द्वारा कानूनी रूप से स्वतंत्र कर दिया जाएगा।

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