
धर्मशाला – राजीव जस्वाल
पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा में पेपर लीक मामले में बड़ी बात सामने आई है कि पेपर लीक सिर्फ जिला कांगड़ा में गगल स्थित परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों तक ही नहीं, बल्कि प्रदेश भर में लगभग हर जिला के अभ्यर्थियों तक यह प्रश्नपत्र पहुंचा था।
इसी के चलते शुक्रवार शाम को पुलिस ने जिला ऊना के गगरेट से भी एक युवक गिरफ्तार किया है। अब पुलिस विभाग ने भी यह बात मान ली है कि पेपर लीक पूरे प्रदेश भर में हुआ था।
जानकारी के मुताबिक प्रश्नपत्र को प्रिटिंग पुलिस विभाग ने कोलकता में करवाई थी। वहीं से आते वक्त प्रश्नपत्र रास्ते में लीक किए गए। प्रश्नपत्र लीक होने के बाद चंडीगढ़ में पेपर युवाओं तक पहुंचाया गया।
अभी तक की जानकारी के मुताबिक आरोपित युवाओं का कहना है कि उन्हें प्रश्नपत्र दिखाने की एवज में छह लाख रुपये देने पड़े थे। इसके अलावा चड़ीगढ़ में हर 10 प्रश्न दिखाने के लिए अलग अलग रेट तय किए गए थे।
परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्र 24 मार्च शाम को पहुंचाए गए थे। पुलिस जांच टीम ने परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की है और स्पष्ट हुआ है कि केंद्रों में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है।
इसके अलावा यह बात भी सामने आई है कि परीक्षा से तीन दिन पूर्व ही युवाओं को प्रश्नपत्र पहुंच गए थे और वह रटकर ही इसे आए थे। पैसों के लेनदेन की बात पकड़े गए आरोपित युवकों ने भी कबूल कर ली है।
इसके लिए पुलिस जांच टीम ने आरोपित युवाओं को पुलिस अधीक्षक कार्यालय धर्मशाला में शुक्रवार को लाया था, जहां उनसे पूछताछ की। इस धाेखाधड़ी को अंजाम देने वाले लोग मुख्य रूप से हरियाणा व चंडीगढ़ से बताए जा रहे हैं, क्योंकि युवाओं ने पूछताछ में यही बात बताई है कि उनके संपर्क में सिर्फ हरियाणा व चंडीगढ़ के ही लोग थे।
अगर जिला कांगड़ा के पैसे देकर पेपर खरीदने वाले एक पेपर लीक करने वाले क्षेत्रों की जांच की जाए तो मुख्य रूप से जवाली, फतेहपुर, नूरपुर, इंदौरा व पालमपुर क्षेत्र के युवाओं पर पुलिस ने ज्यादा नजर है, क्योंकि इन्हीं क्षेत्र के युवा ही मेरिट तक पहुंचे हैं।
धर्मशाला के कोचिंग सेंटर में कोचिंग लेते थे युवक
मामले में गिरफ्तार किए गए भड़ियाड़ा व रैहन के आरोपित युवक कचहरी धर्मशाला के एक कोचिंग सेंटर में पुलिस की कोचिंग लेते थे। परिणाम आने के बाद कोचिंग सेंटर प्रबंधन ने इस युवाओं की फोटो भी हार्डिंग में लगाए थे। ऐसे में कोचिंग सेंटर भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
