हिमखबर डेस्क
रामपुर के इंदिरा मार्केट स्थित बूचड़खाने में कई खामियां सामने आई हैं। यहां रोगग्रस्त बकरों का मीट बेचा जा रहा है। यह खुलासा शुक्रवार को पशु पालन विभाग के निरीक्षण के दौरान हुआ। शुक्रवार को वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल शर्मा, नायब तहसीलदार रामपुर सुरेश नेगी और पुलिस टीम के साथ पशु पालन विभाग की टीम ने रामपुर के इंदिरा मार्केट स्थित स्लॉटर हाउस का निरीक्षण किया।
बूचड़खाने में बकरों के मीट में ट्यूबर किलोक्सिस, ब्रूसेला, हाईडैटिड सिस्ट और लिमफोइड लिकोसिस जैसे रोग के लक्षण मिले हैं, जो किसी भी व्यक्ति को गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं। बकरों के लीवर, विभिन्न अंगों और बोन टीबी संक्रमण से ग्रसित पाए गए। इनमेंं से 60 से 70 फीसदी रोग मनुष्य में फैलने का खतरा रहता है। निरीक्षण के बाद पशु पालन विभाग रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है।
यह रिपोर्ट जल्द ही एसडीएम रामपुर और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को सौंपी जाएगी। चिकित्सकों ने कटे हुए छह बकरों को फिनाइल डालकर नगर परिषद को यहां से हटाने को कहा। पशु चिकित्सकों ने मीट के सैंपल भरे, जिनकी जांच की जाएगी। वहीं, मीट विक्रेताओं ने विभागीय कार्रवाई का रोष जताया और बकरे के शरीर के जिस भाग में बीमारी के लक्षण हैं, उसे ही हटाने की मांग की है।
बकरों में पाए संक्रमणों से मनुष्य में होने वाले रोग
शुक्रवार को जांच में बकरों के मीट में ट्यूबर क्लोसिस बैक्टीरिया पाया गया। यह एक संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है। ब्रूसेला बैक्टीरिया भी पाया गया, जो ब्रुसेलोसिस नामक संक्रामक रोग पैदा करता है। इसे खाने वाले व्यक्ति को तेज बुखार, कमजोरी और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण होते हैं। हाइडैटिड सिस्ट एक गंभीर परजीवी संक्रमण है, जो इचिनोकोकस ग्रैनुलोसस नामक टेपवर्म के लार्वा के कारण होता है। यह संक्रमण आमतौर पर संक्रमित जानवरों से मनुष्य में आता है।
मीट खाने वाले लोकल बकरों को दे प्राथमिकता
पशुपालन विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल शर्मा ने कहा कि रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने वाले बकरे राजस्थान से लाए जा रहे हैं। इनकें अपेक्षाकृत अधिक बीमारियां और संक्रमण पाए जा रहे हैं। यदि लोकल बकरे का मीट उपलब्ध है, तो उसे खरीदें। जो बाहरी राज्यों से बकरे लाए जा रहे हैं, उसकी पूरी जांच के बाद ही खरीद की जानी चाहिए। साथ ही मीट को 100 डिग्री के ऊपर पकाने की भी हिदायत दी।
बूचड़खाने में फैली गंदगी से नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
रामपुर के इंदिरा मार्केट स्थित जिस बूचड़खाने में बकरों को काटा जा रहा है, वहीं न तो सफाई के कोई मापदंड और न कायदे कानून। बूचड़खाने के भीतर और बाहर गंदगी फैली हुई है। कटे हुए बकरों से निकलने वाली गंदगी को अवैज्ञानिक तरीके से सतलुज नदी में डाला जा रहा है। बूचड़खाने के भीतर जालों का जंजाल बना हुआ है, जबकि बाहर खुले में गंदगी फैली हुई है।
इस सबको देखकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। नगर परिषद ने यहां कर्मचारी तो तैनात किया है, लेकिन सफाई और हाइजीन का यहां दूर-दूर तक कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा।
हर्ष अमरेंद्र सिंह, एसडीएम के बोल
मीट मार्केट में बकरे काटने, सफाई और ड्रेसिंग के लिए अलग-अलग स्थान सुनिश्चित किए जाने चाहिए। इस बारे में नगर परिषद और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को भी उचित निर्देश दिए जाएंगे।
डॉ. अनिल शर्मा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग के बोल
रामपुर की मीट मार्केट में कटे हुए बकरों के शरीर के विभिन्न भागों में संक्रमण पाया गया, जिसकी अन्य पशु चिकित्सक से क्रॉस वेरीफाई करवाया गया। सैंपल एकत्रित किए गए हैं, जिनकी जांच के बाद रिपोर्ट एसडीएम और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को भेजी जाएगी।

