
बिलासपुर – सुभाष चंदेल
बिलासपुर जिले के उपमंडल घुमारवीं की मैहरी काथला पंचायत में दो बैलों को छोडऩे की घटना सामने आई है। वीरवार सुबह आठ बजे के करीब कैंची मोड़ (बही सूलफर) गांव की एक महिला अपने पोते के साथ दो बेसहारा बैलों को निउ गांव में गाड़ी से उतारकर निकलने ही वाली थी कि तभी पंचायत प्रधान कांता शर्मा ने उन्हें रोककर बैलों के बारे में पूछताछ की। वाहन चालक को आवाज लगाने पर वह भाग निकला तथा महिला को बैलों के साथ रोक लिया गया।
प्रधान कांता शर्मा व उपप्रधान लोकेश ठाकुर ने बताया कि महिला ने पूछताछ में बताया कि वह निउ गांव में अपने रिश्तेदार के यहां पशुओं को कुछ दिन के लिए छोडऩे आई है। रिश्तेदारों को बुलाकर पूछा तो उन्होंने पशुओं को अपने पास रखने से मना कर दिया।
दोनों बैलों के कान में लगे हुए टैग काट दिए गए थे ताकि पशुओं को छोडऩे वाले की पहचान न हो सके। महिला द्वारा गुमराह करने पर पंचायत ने कार्रवाई करते हुए महिला व वाहन चालक को वापस बुलाकर दोनों को 500-500 रुपये जुर्माना लगाया तथा पशुओं को उसी जीप में डालकर वापस घर भेज दिया।
इसके साथ ही हिदायत दी कि पशुओं के घर पहुंचने पर टैग लगवाएं तथा टैग लगने के बाद बैलों का फोटो वाट््सएप के माध्यम से भेजें। महिला ने पशुओं को टैग लगाकर फोटो पंचायत प्रधान को भेजे।
पंचायत प्रधान कांता शर्मा का कहना है कि यदि लोग पशुओं को इस्तेमाल करके उन्हें बेसहारा छोड़ देंगे तो इससे समस्या बेहद विकराल हो जाएगी। भविष्य में ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
