
ज्वाली – अनिल छांगु
पौंग झील में मत्स्य आखेट पर प्रतिबंध लगे हुए दो माह का समय बीतने को है लेकिन अभी तक मछुआरों को बन्द सीजन राहत भत्ता नहीं दिया गया है। जिस कारण मछुआरा वर्ग हताश है। यह बात पौंग बांध एसोसिएशन रिजरवियर के महासचिव केवल सिंह कुटलैहडिया ने कही।
केवल सिंह कुटलैहडिया ने कहा कि प्रतिबंध के माह में मछुआरों को परिवार का पालन-पोषण करने के लिए बन्द सीजन राहत भत्ता दिया जाता है लेकिन मछुआरों को समय पर बन्द सीजन राहत भत्ता नहीं मिल पाता है। मछुआरों को दो माह में अपने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो जाता है। बन्द सीजन दौरान मछुआरे दिहाड़ी इत्यादि लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने को मजबूर हो जाते हैं।
पौंग झील में करीबन 2300 मछुआरे मछली पकड़ने का कार्य करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। केवल सिंह कुटलैहडिया ने कहा कि 15 अगस्त को मत्स्य आखेट से प्रतिबंध हट जाएगा, परन्तु मछुआरों को बन्द सीजन राहत भत्ता नहीं दिया गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार व मत्स्य विभाग से मांग उठाई है कि मछुआरों को झील खुलने से पहले बन्द सीजन राहत भत्ता दिया जाए।
