
हिमखबर – डेस्क
सावन माह का आज पहला सोमवार है और भगवान भोले बाबा के दरबार भक्तों के लिए खुल गए हैं। शिव मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है। हिमाचल प्रदेश के शिवालयों में सुबह से जयकार हो रही है।
बैजनाथ मंदिर के कपाट सुबह तीन बजे खोल दिए गए। कांगड़ा जिला की बात करें तो यहां प्रसिद्ध मंदिर बैजनाथ, इंदौरा के काठगढ़ शिव मंदिर, त्रिलोकपुर के प्राकृतिक शिव मंदिर, ब्यास नदी पर स्थित कालेश्वर महादेव मंदिर, अघंजर महादेव मंदिर, शिव मंदिर चामुंडा नंदिकेश्वर सहित गंगथ के शिव मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में भगवान शिव के जयकारे लग रहे हैं।
बैजनाथ शिव मंदिर सहित अन्य शिव मंदिरों को फूलों से सजाया गया है। श्रद्धालु सुबह ही मंदिरों में पहुंच गए। मंदिर न्यास के सदस्य अनिल शर्मा ने बताया मंदिर सुबह तीन बजे से लेकर देर रात तक खुला रहेगा।
काठगढ़ में सुबह चार बजे से लाइनें लगीं
सावन माह के पहले सोमवार को काठगढ़ शिव मंदिर में शिव भक्तों की सुबह चार बजे ही लाइनें लग गईं। बम बम भोले के जयकारे लगाते हुए शिव भक्त सुबह चार बजे से ही कतारों में लग गए। काठगढ़ मंदिर में करीब 500 मीटर लंबी कतारें लगी हुई हैं।
वहीं काठगढ़ मंदिर प्रबंधन सभा की तरफ से दर्शन करने आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं। वहीं विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं की ओर से मंदिर परिसर के समीप विभिन्न प्रकार के लंगर का आयोजन किया गया है।
इंदौरा के काठगढ़ शिव मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए लगीं भक्तों की लाइनें।खीर गंगा में स्नान का महत्व
शिव नगरी बैजनाथ में सावन माह के पहले सोमवार का मेला आज है। मंदिर के कपाट सुबह तीन बजे ही खोल दिए गए हैं। सावन माह के मेलों के दौरान यहां स्थित खीर गंगा घाट में पवित्र स्नान का भी काफी महत्व है।
श्रद्धालु यहां सुबह स्नान करने के बाद भोले बाबा के दर्शन करते हैं। इसके लिए खीर गंगा घाट में महिलाओं और पुरुषों के नहाने की व्यवस्था के साथ-साथ रोशनी का भी प्रबंध है। मंदिर को रोशनी और फूलों के साथ सजाया गया है।
इसके अलावा मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं को बारिश से बचाने के लिए टेंट भी लगाया गया है। सावन माह के मेलों के दौरान भंडारा भी होगा।
इसके लिए व्यवस्था कर ली गई है, जबकि मेला ग्राउंड में मेले का आयोजन भी एक माह तक चलता रहेगा। इस बार सावन महीने में यहां पांच सोमवार होंगे।
