
ॐ गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुर्देवो महेश्वर:।
गुरु: साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नम:।।
बकलोह – भूषण गुरुंग
गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुओं की पूजा और उनका सम्मान करने की परंपरा है। शास्त्रों में भी गुरु को भगवान से उपर का दर्जा दिया गया है।
ऐसे में गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरुओं और बड़ों का आशीर्वाद लेना परम सौभाग्य की बात है। हर वर्ष की भांति इस साल भी स्वामी श्री हरि गिरी सन्यास आश्रम ट्रस्ट में गुरु पूर्णिमा का महोत्सव 13 जुलाई को बहुत धूम धाम से मनाया ।
आज गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर में सन्यास आश्रम ककीरा में स्वामी हरि गिरी और स्वामी राजेस्वरा नंद भारती की प्रतिमा के आगे सभी श्रद्धालुओं द्वारा अपने अपने गुरुओ को याद करते हुए मंदिर परिसर मे पंडित नवीन शर्मा की अगुवाई मे गुरु की प्रतिमा को जल विशेक करवाया गया।
उसके बाद नया वस्त्र धारण करवा कर उनकी प्रतिमा को हार पहनाकर औऱ पुष्प बरसाया गया । उसके बाद सभी श्रद्धालुओं के द्वारा मंदिर परिसर मे भजन कीर्तन किया गया।
वही पठानकोट से आये हुए कटारिया परिवार आज के पूजन मे मुख्या जज्वान रहे । वही उनके साथ स्थानीय ट्रस्टियों का भी इस गुरु पूर्व के इस पावन अवसर में बहुत योगदान रहा।
वही ट्रस्टीयो के द्वारा गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर में लोगो के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। जिसमें सैकड़ो लोगो द्वारा भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके मे पठानकोट से आए हुए ट्रस्टियो के अलावा स्थानीय लोगो ट्रस्टी मौजूद रहे।
