
कुल्लू- आदित्य
हिमाचल के कुल्लू जनपद से तालुक रखने बाले गुरहर्ष ने आईएएस की ट्रेनिंग में पहले हिमाचली के रूप में पहली बार राष्ट्रपति गोल्ड मैडल हासिल किया है। जिला कुल्लू के शमशी के रहने वाले गुरहर्ष ने हिमाचल का नाम पूरे देश में ऊंचा किया है। उधर उनके घर शमशी में खुशी का माहौल है और माता-पिता बहुत खुश हैं।
गुरहर्ष आजकल मसूरी में आईएएस की ट्रेनिंग कर रहा है। गुरहर्ष की शुरुआती पढ़ाई 10वीं तक कुल्लू के ओएलएस में हुई। इसके बाद केवीएस में जमा दो की परीक्षा में हिमाचल शिक्षा बोर्ड में प्रदेश भर में पांचवें स्थान हासिल किया।
इसके बाद हिंदू कालेज दिल्ली से B.SC की। उसके बाद आईआईटी रूड़की से एमएससी फिजिक्स में टॉपर रहे। वर्ष 2020-21 में यूपीएससी परीक्षा ऑल इंडिया में सातवें रेंक पर रहे और वर्तमान में मसूरी में आईएएस की ट्रैनिंग जारी है।
गुरहर्ष की माता हरिंदर जीत कौर जो टीजीटी साइंस रही है और पिता अवतार सिंह ने बताया कि गुरहर्ष को पढ़ाई के साथ-साथ संगीत में भी रुचि है। स्कूल समय में सूत्रधार संगीत अकादमी में पंडित विद्या सागर शर्मा से तबला वादन और शास्त्रीय गायन की दो वर्ष तक शिक्षा ली। पंडित विद्यासागर ने बताया कि गुरहर्ष सिंह बेहतरीन एंकर भी है।
गुरहर्ष सिंह के माता-पिता ने कहा कि हमें अपने पुत्र पर गर्व है। उन्होंने कहा कि गुरहर्ष ने जो राष्ट्रपति स्वर्ण पदक हासिल किया है, वह हिमाचल का पहला स्वर्ण पदक है। वर्तमान में गुरहर्ष सिंह लाल बहादुर शास्त्री एकाडमी ऑफ एडमिस्ट्रेशन में अध्ययनरत है।
गुरहर्ष के पिता अवतार सिंह ने कुल्लू के युवाओं को संदेश दिया है कि उनको भी गुरहर्ष की तरह मेहनत करनी चाहिए। पत्रकारों के समक्ष ख़ुशी जाहिर करते हुए पिता ने कहा कि जो कुल्लू का बेटा गुरहर्ष की तरह मेहनत करेगा और वहां पहुंचेगा, उसे में दो लाख का इनाम दूंगा ताकि सभी युवाओं को आगे बढ़ने की हिम्मत बढ़े।
गुरहर्ष ने इस दौरान 2021 के दौरान बेस्ट ऑफिसर ट्रेनी 96वें फाउंडेशन कोर्स में प्रेजिडेंट ऑल इंडिया गोल्ड मेडल अवार्ड मिला है। जबकि उन्हें इस दौरान अकैडमिक गतिविधियों के लिए भी डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल मिला है। इसके अलावा एस्प्रिट डे कॉर्पस अवार्ड भी मिला है।
