
बिलासपुर – सुभाष चंदेल
नेशनल हैल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सरकार के समक्ष आवाज बुलंद की है।
एनएचएम कर्मचारी संघ का कहना है कि इस वर्ग के लिए कोई स्थायी पॉलिसी बनाई जानी चाहिए, ताकि इनका भविष्य संवर सके।
इसी कड़ी में कर्मचारी संघ की बुधवार को जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एनएचएम कर्मचारी संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें एनएचएम के प्रदेशाध्यक्ष अमीन चंद शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रदेशाध्यक्ष अमीन चंद ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के लिए सरकार को कोई स्थायी नीति बनानी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
एनएचएम के कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने के बाद एक पैसा तक भी नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि सर्वशिक्षा अभियान की तर्ज पर कर्मचारियों के लिए बनाई गई पॉलिसी को देखा जा रहा है। इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी की महासंघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है।
सरकार से इस फैसले से एनएचएम के 1700 कर्मचारियों को फायदा होगा। एनएचएम और स्वास्थ्य विभाग समितियों के अंतर्गत नियुक्त 1700 कर्मचारी जो कि विभिन्न स्वास्थ्य समितियों के अंतर्गत वर्ष 1996 से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत सेवाएं दे रहे हैं।
इस दौरान महासंघ के महासचिव गुलशन कुमार, मुख्य सलाहकार देशराज, राज्य प्रेस सचिव अनमोल कौंडल, सदस्य मंजिता शर्मा, जिलाध्यक्ष विशाल शर्मा, हमीरपुर इकाई के सह सचिव सन्नी कुमार सहित प्रदेश भर से आए एनएचएम के कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
