
व्यूरो रिपोर्ट
विशेष न्यायाधीश– मण्डी की अदालत ने चरस रखने के अपराध में एक व्यक्ति को 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹ 1,00,000/– जुर्माने की सजा सुनाई है।
जिला न्यायवादी मण्डी, कुलभूषण गौतम ने बताया कि दिनांक 28/01/2016 को तकरीबन 9 बजे रात को अन्वेषण अधिकारी, सहायक उप निरीक्षक, सुभाष चंद, पुलिस थाना औट, अपनी पुलिस टीम के साथ लारजी में ट्रैफिक चेकिंग पर था इसी दौरान एक व्यक्ति पैदल लारजी की तरफ से औट टनल की तरफ आ रहा था।
उक्त व्यक्ति ने पुलिस को देखकर अपनी पीठ में उठाये बैग को सड़क में फेंका और वह एकदम पीछे की तरफ मुड़कर लारजी की तरफ भागने लगा। उसके इस तरह के व्यवहार से उस पर शक होने पर उसको पुलिस ने कुछ ही मीटर की दुरी में पकड़ लिया।
अन्वेषण अधिकारी द्वारा उक्त व्यक्ति का नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम गुरमत राम पुत्र पूरण चंद, निवासी गाँव खानियार, डाकघर शिवाथाना, तहसील थुनाग, जिला मण्डी बताया तथा उसके द्वारा फेंके गये बैग की तलाशी ली गयी और उसके बैग के अंदर एक किलोग्राम चरस बरामद हुई थी।
जिस पर गुरमत राम पुत्र पूरण चंद के खिलाफ पुलिस थाना औट, जिला मण्डी में अभियोग सख्या 07/2016 दर्ज हुआ था। इस मामले की जाँच अन्वेक्षण अधिकारी सहायक उप निरीक्षक, सुभाष चंद, पुलिस थाना औट, ने अमल में लायी थी और छानबीन पूरी होने पर मामले का चालान थाना अधिकारी द्वारा अदालत में दायर किया था।
उक्त मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 7 गवाहों के ब्यान कलम बन्द करवाए थे। इस मामले में अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने गुरमत राम पुत्र पूरण चंद, निवासी गाँव खानियार, डाकघर शिवाथाना, तहसील थुनाग, जिला मण्डी को एक किलोग्राम चरस रखने के आपराध में एन.डी.पी.एस एक्ट की धारा 20 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹ 1,00,000/– हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को एक वर्ष के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भी सुनाई।
