
मंडी- नरेश कुमार
जहरीली शराब मामले में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। सात लोगों की मौत के बाद आनन-फानन में नालों व झाडिय़ों में शराब की जो खाली पेटियां फेंकी गई हैं, वह असली हैं। पेटियां वीआरवी कंपनी संसारपुर टैरेस (जिला कांगड़ा) की हैं, जबकि शराब नकली है। नकली शराब पकड़ में न आए माफिया इसके लिए असली लेवल वाली पेटियों का इस्तेमाल करता था। नकली शराब चंडीगढ़ व पंजाब में कहां बनी है, पुलिस इसकी जांच कर रही है। संसारपुर टैरेस की कंपनी की संतरा ब्रांड की बोतल पर वीआरवी फूडस, जबकि नकली शराब की बोतल पर वीआरवी फूलस लिखा हुआ है।
मंडी जिले के सुंदरनगर हलके की सलापड़ व कांगू पंचायत में जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत हो गई व तीन की हालत नाजुक है। इन्होंने चंडीगढ़ में बनी 999 ब्रांड की अंग्रेजी व संतरा ब्रांड की देसी शराब पी थी। शराब सलापड़ व आसपास की किराना व अन्य दुकानों से खरीदी थी। इसमें मिथेनाल की मिलावट की वजह से देर रात सभी का स्वास्थ्य बिगडऩा शुरू हो गया।
बेचैनी, सिरदर्द, उल्टी व आंखों में धुंधला दिखाई देने की शिकायत के बाद दो लोगों को स्वजन बुधवार तड़के नागरिक अस्पताल सुंदरनगर ले गए। चिकित्सकों ने उनकी हालत को देखकर नेरचौक मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। वहां दोनों की मौत हो गई। कुछ देर बाद सात अन्य लोगों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें भी नेरचौक मेडिकल कालेज लाया गया। वहां पर तीन लोगों की मौत हो गई।
पुलिस ने आबकारी विभाग व फारेंसिक विशेषज्ञों के साथ सलापड़ व कांगू की कई दुकानों में दबिश देकर देसी शराब की 52 व अंग्रेजी की चार खाली पेटियां बरामद की। विभिन्न ठेकों से शराब के 56 सैंपल भरे गए। आबकारी विभाग ने सलापड़ के एक ठेके को बंद कर दिया। क्षेत्र में अगले आदेशों तक संतरा ब्रांड की शराब बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
लोगों के बयानों के आधार पर सुंदरनगर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या व साजिश रचने का मामला दर्जकर पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। आठ अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह सभी लोग शराब के अवैध कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं।
डीआइजी मधुसूदन शर्मा की अध्यक्षता में एसआइटी गठित
पुलिस मुख्यालय ने डीआइजी मंडी रेंज मधुसूदन शर्मा की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया है। चार सदस्यीय एसआइटी में पुलिस अधीक्षक कांगड़ा खुशहाल चंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक मंडी शालिनी अग्निहोत्री, एसपी सीआइडी क्राइम वीरेंद्र कालिया को सदस्य बनाया गया है। एसआइटी चंडीगढ़ सहित अन्य स्थानों का भी रिकार्ड खंगालेगी और शराब की सप्लाई के साथ मृतकों के स्वजन से मामले की रिपोर्ट और शराब के सैंपल भी लेगी। इस तरह के गंभीर मामले में आरोपितों को उम्रकैद की सजा भी हो सकती है।
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा : डीजीपी
पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश संजय कुंडू ने कहा जहरीली शराब के सेवन से हुई लोगों की मौत मामले में गैर इरादतन हत्या व साजिश रचने का मामला थाना सुंदरनगर में दर्ज किया गया है। मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की गई है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
