
भाम्बला- नरेश कुमार
मंडी जिला में बेसहारा पशु काफी तादाद में इधर-उधर घूमते हैं ! वही इन बेसहारा पशुओ को भी कई प्रकार की बीमारियों से जूझना पडता है। ऐसा ही एक मामला उपमंडल सरकाघाट के अंतगर्त आंबलागलू में सामने आया है ! आंबलागलू में बेसहारा पशुओं की संख्या लगभग 15- 20 है !
उनमें से एक बैल के मुंह पर बहुत बड़ा जार है ! जिससे कि दूसरों बैलों को भी खतरा है ! अगर आम जनमानस की बात करें तो आंबलागलू मे लोगों का काफी आना-जाना रहता है ,क्योंकि यहाँ पर बाजार है और बस स्टाप भी है ! यह जार बीमारी से ग्रसित बैल 24 घंटे आंबलागलू मे रहता हैं !
स्थानीय लोगों ने प्रशासन व सरकार और समाजसेवियो से मांग की है कि इस बैल इलाज करवाया जाए ताकि और बेसहारा पशु इस जार बीमारी की चपेट मे न आएं तथा आम जनमानस का जीवन भी सुरक्षित हो।
