
इन्दौरा – शम्मी धीमान
ऐसा माना जाता है की हौसले बुलंद हो तो मंजिल एक दिन मिल ही जाती है ऐसा ही एक उदाहरण विधानसभा क्षेत्र इंदौरा के अंतर्गत पड़ते बडुखर पंचायत की जागृति ने पेश किया| जो अपने आप में ही कईयों को प्रेरणा लेने के लिए मजबूर कर सकता है| एक गरीब परिवार में पैदा होकर गरीब परिवार की बेटी जागृति का चयन नवोदय विद्यालय में हुआ|
अपनी मेहनत के दम पर प्लस टू तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब इसी बेटी का घर आना हुआ तो जिंदगी के असली इम्तिहान से यह युवा रूबरू हुई| प्रदेश में कॉमर्स संकाय में पहले पांच स्थान मैं रहने वाली इस युवा की दास्तान बहुत ही संघर्षों भरी रही राजकीय महाविद्यालय रे में प्रवेश लेने के बाद पिता का साया उसके सर से जाता रहा और एक समय ऐसा भी आया जब उसे ऐसा महसूस हुआ कि वह आगे की पढ़ाई साधन हीन होने की वजह से आगे नहीं बढ़ पाएगी|
लेकिन मां के मेहनत मजदूरी व खेतों में काम करके जैसे तैसे इस युवा को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया और इस युवा ने भी मां के उस सपने को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी|
बात करने पर इस युवा ने बताया की वह आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती है लेकिन अगर वह भी बाकी लोगों की तरह साधन संपन्न होती तो शायद वह इससे भी अधिक कर सकती थी|
इस बात को देखते हुए बडुखर के व्यवसाई मोनू चौधरी ने इस युवा जागृति के आगे की पढ़ाई जारी रखने का जिम्मा उठाया है युवा जागृति का सपना है कि वह प्रशासनिक अधिकारी बनकर अपने मां के सपने को पूरा करना चाहती है।
