
धर्म नेगी, चुराह
आइए आज आपको रू-ब-रू करवाते हैं ग्राम पंचायत कोहाल गाँव शिंड के रमेश कुमार चौहान से।
रमेश कुमार चौहान आज तहसील मुख्यालय भंजराड़ू में पंजाब नेशनल बैंक कस्बाती भंजराड़ू में बतौर शाखा प्रबंधक सेवारत हैं।
अपने क्षेत्र के लोगों को सेवाएं देने का सौभाग्य आम तौर पर बहुत कम लोगों को नसीब होता है लेकिन रमेश कुमार चौहान आज अपनी मेहनत व संघर्ष से इस मुकाम पर पहुंच गए हैं जहां वो चुराह की जनता उनकी सेवाओं का लाभ ले सकती है।
बात अगर इनके संघर्ष की करें तो मात्र 12 साल की उम्र में जब ये कक्षा सातवीं के छात्र थे तभी पिता जी का स्वर्गवास हो गया और 4 भाई बहनों में खुद दूसरे नम्बर पर थे तो अन्य जिम्मदारियाँ अनायास ही इनके कंधों पर आ गई।
अब पढ़ाई करते या मां के साथ अन्य कामों में हाथ बंटाते कोई उचित फैसला नही लिया जा रहा था लेकिन इस बीच इनका बेड़ा उठाया इनके चाचा जी ने जो आज भी बतौर प्रोफ़ेसर डिग्री कॉलेज चम्बा में सेवारत हैं।
रमेश कुमार चौहान की प्राथमिक शिक्षा इनके गाँव शिंड मे ही हुई और कक्षा 12वीं तक इन्हें कल्हेल का सफर तय करना पड़ा।
उसके बाद अपने चाचा जी के सानिध्य में रहकर ही चम्बा से बीसीए की और एक प्रतियोगी परीक्षा उतीर्ण कर पंजसब नेशनल बैंक में नौकरी मिली।
नौकरी मिलते ही घर मे इकलौते कमाने वाले हुए तो घर मे सालों बाद रौनक लौट आयी लेकिन झारखंड जैसे दूर दराज क्षेत्र में नौकरी करना बहुत ही चुनौती भरा कार्य था फिर भी इन्होंने अपनी लग्न व ईमानदारी से झारखंड में सेवाएं दी।
आज वर्षों बाद रमेश कुमार चौहान अपनी मातृभूमि में बतौर शाखा प्रबंधक बनकर सेवा के लिए पूर्णतः समर्पित हैं।
रमेश कुमार चौहान आज अपनी तमाम उपलब्धियों का श्रेय अपने दो चाचाओं प्रोफ़ेसर चमन सिंह चौहान व सूबेदार मेजर योग राज चौहान जी को देते हैं।
हमारी स्नेहिल शुभकामनाएं समस्त चौहान परिवार के लिए सदैव रहेंगी।
